हरियाणा

यमुनानगर: खैर तस्करों ने वन विभाग के दरोगा को कुचलने की कोशिश की, 15 KM पीछा कर 99 खैर की लकड़ियां बरामद

यमुनानगर : हरियाणा के यमुनानगर में खैर तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद दिखे कि उन्होंने वन विभाग की टीम को ही निशाना बना डाला। वन विभाग की टीम को सूचना मिली कि जंगल क्षेत्र से अवैध रूप से खैर की लकड़ी से लदी पिकअप गुजरने वाली है। सूचना के आधार पर दरोगा ब्रजमोहन और मिंटू कुमार ने नाका लगाया और संदिग्ध पिकअप को रुकने का इशारा किया।

दरोगा को कुचलने का किया प्रयास

वन विभाग छछरौली रेंज के अफसर बलजीत सिंह ने बताया कि जैसे ही वन विभाग के दरोगा ने गाड़ी रोकने का संकेत दिया तो पिकअप चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ा दी और सीधे वन विभाग की बोलेरो कैंपर को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विभाग की गाड़ी आगे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ भागने की कोशिश नहीं बल्कि दरोगा को कुचलने का प्रयास भी था।

अंधेरे का फायदा उठा मौके से फरार हुए खैर तस्कर 

गनीमत रही कि अधिकारी बाल-बाल बच गए। गाड़ी क्षतिग्रस्त होने के बावजूद वन विभाग की टीम ने हिम्मत नहीं हारी। टीम ने तुरंत क्षतिग्रस्त वाहन को मौके पर छोड़ बाइक से तस्करों का पीछा शुरू किया। इसी दौरान डायल 112 को सूचना दी गई। करीब 15 किलोमीटर तक चली पीछा कार्रवाई के बाद वन विभाग की  टीम ने पिकअप को घेर लिया और पकड़ने में सफलता हासिल की। हालांकि पिकअप में सवार तीनों खैर तस्कर अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।

खैर की लकड़ी के 99 पीस हुए बरामद

पकड़ी गई पिकअप की तलाशी लेने पर उसमें से खैर की लकड़ी के 99 पीस बरामद हुए। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह लकड़ी बन संतोर, जाट्टावाला और डारपुर के जंगल क्षेत्र से अवैध रूप से काटी गई थी। रेंजर बलजीत सिंह के अनुसार, आरोपियों की पहचान की जा चुकी है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और पिकअप को जब्त छछरौली रेंज में खड़ा कर दिया है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि खैर तस्कर कानून से बचने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। पुलिस ने जाटावाला गांव के भूरा और नूर मोहम्मद इसके अलावा कोट गांव के सुरेंद्र कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच को तेज कर दिया है।

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