उत्तर प्रदेश

शिवम ने सुसाइड क्यों किया? लैपटॉप-डायरी से खुलेगा राज; SHARDA यूनिवर्सिटी प्रशासन पर केस दर्ज

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी के बीटेक के एक छात्र ने 15 अगस्त को आत्महत्या कर ली. उसका शव नॉलेज पार्क में स्थित हॉस्टल के कमरे से मिला. छात्र के परिजन ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया. इस मामले में एक्शन लेते हुए परिजन की शिकायत के बाद पुलिस ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में जुट गई है.

मृतक छात्र शिवम डे बिहार के पूर्णिया का रहने वाला था. पुलिस ने शिवम के हॉस्टल के कमरे से उसका मोबाइल, लैपटॉप और डायरी बरामद की है. डायरी, लैपटॉप और मोबाइल को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है. पुलिस के मुताबिक शिवम ने कथित सुसाइड नोट डायरी में ही लिखा था. हालांकि, कथित सुसाइड में शिवम ने अपनी मौत का जिम्मेदार किसी को नहीं बताया था, लेकिन एजुकेशन सिस्टम पर सवाल खड़े किए थे.

डायरी और लैपटॉप से हो सकते हैं खुलासे

अब शिवम की डायरी और लैपटॉप से इस मामले में और खुलासा हो सकते हैं कि शिवम ने आत्महत्या का कदम किस वजह से उठाया. शिवम डे को लेकर बताया गया कि छात्र पिछले डेढ़ साल से कॉलेज नहीं जा रहा था और न ही क्लासेज ले रहा था. ऐसे में परिजन ने सवाल खड़े किए कि इस बात की जानकारी उन्हें क्यों नहीं दी? इसके साथ ही परिजन का ये भी कहना है कि उनके बेटे के आत्महत्या करने के बारे में पुलिस को और उन्हें बेटे को अस्पताल पहुंचाने के बाद बताया गया.

बैक आने पर कॉलेज में किया परेशान!

शिवम के परिजन ने ये भी आरोप लगाया कि शिवम को एग्जाम में बैक आने पर कॉलेज में बाकी छात्रों ने परेशान किया था. यही वजह थी कि उसने कॉलेज जाना बंद कर दिया था. शिवम डे के पिता कार्तिक डे ने बताया कि बेटे की फीस लगातार जा रही थी, लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं दी गई कि शिवम कॉलेज नहीं जा रहा है. हालांांकि, यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कहा गया है कि छात्र के परिजन को ई-मेल और मैसेज के जरिए शिवम के कॉलेज ना आने की जानकारी दी गई थी.

शारदा यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर ने क्या कहा?

शारदा यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर पीआर डॉक्टर अजीत कुमार ने पिता के लगाए गए आरोप पर कहा कि शिवम के कॉलेज न आने की पूरी जानकारी रिकॉर्ड के साथ दे दी गई है. इसके साथ ही ये भी कहा गया कि शिवम की अनुपस्थिति के बाद से जो फीस जमा की गई. उसे वापस कर दिया जाएगा. इसके लिए परिजन से बैंक डिटेल्स भी मांगी गई हैं. अजीत कुमार ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में यूनिवर्सिटी पीड़ित परिवार के साथ है. हमारी तरफ से उनकी हर मदद की जाएगी.

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