विधानसभा में फडणवीस ने की अजित पवार की तारीफ, बोले- ‘उनमें मुख्यमंत्री बनने की पूरी क्षमता’; महाराष्ट्र की राजनीति में नई सुगबुगाहट

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बजट सत्र की शुरुआत में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को श्रद्धांजलि देते हुए शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में राज्य का सीएम बनने की क्षमता रखने वाले अजित दादा के रूप में हमने एक बड़ा नेतृत्व खो दिया है. कितना भी समय बीत जाए, दादा के जाने का दुख कम नहीं हो सकता.
शोक संदेश देते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘उन्होंने जमीन से उठकर आगे बढ़ने के लिए कड़ी मेहनत की। इसीलिए वे आम लोगों की कठिनाइयों को जानते थे. उनकी राजनीतिक यात्रा सहकारी और कृषि क्षेत्रों में काम करने से शुरू हुई. उनके द्वारा प्रस्तुत बजटों को देखें तो उनका मुख्य ध्यान राजकोषीय स्थिरता पर था. वे खर्च कम करते और राजस्व बढ़ाते थे. विकास को प्राथमिकता देते थे और खर्च पर नियंत्रण रखने के लिए काम करते थे.
भविष्य में बड़ी पारी खेलने की थी उम्मीद
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कहा, ‘अगर वो मंत्री न बनते तो क्या होते? वो पुलिसवाला बन जाते. या किसान. बाद में मुझे ख्याल आया कि अजितदादा निर्माण क्षेत्र में इंजीनियर बन जाते. वो बेहतरीन काम करते.’ देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री के पास अजितदादा जैसा वित्त मंत्री होना चाहिए. वह राज्य के खजाने की विरासत को दर्शाएंगे, लेकिन विकास कार्यों को नहीं रोकेंगे. उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में स्थापित हो चुके और भविष्य में बड़ी पारी खेलने की उम्मीद के बीच जीवन का समय चूक जाने से दादा के निधन ने जो शून्य पैदा किया है, वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है.
अजित दादा रिकॉर्ड बनाने वाले थे, लेकिन किस्मत को मंजूर नहीं था
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि अजित पवार के जाने का दुख सभी को है. ‘मैं सुनेत्रा ताई, पार्थ और जय का दर्द समझता हूं, क्योंकि मैंने भी ऐसे ही एक्सीडेंड में अपने दो बच्चों को खोया है.’ एकनाथ ने कहा कि दादा उम्र में उनसे बड़े थे, ऐसे में उन्होंने अपना बड़ा भाई खोया है. अभी भी मैं उन्हें एकनाथराव कहते हुए सुन सकता हूं. एकनाथ ने कहा कि अजित दादा ने 11 बार राज्य बजट पेश किया. वह एक रिकॉर्ड बनाने वाले थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
एकनाथ ने आगे कहा, ‘अजित दादा और मैंने साथ काम किया. मैंने महा अघाड़ी सरकार में भी काम किया था. उस समय, कई प्रपोजल रुक जाते थे, लेकिन दादा मामलों की अच्छी तरह से स्टडी करते थे, ऑफिसर्स को कॉन्फिडेंस में लेते थे, और फिर काम पूरा करने के लिए पक्के इंस्ट्रक्शन देते थे.’
महाराष्ट्र ने खोया काबिल नेता
महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना UBT चीफ उद्धव ठाकरे ने भी अजित पवार के निधन पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि अजित पवार शानदार नेता थे. वह जनता के कामों के लिए सक्रिय रहते थे. उद्धव ने कहा कि जब वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे तो अजित ने वित्त मंत्री थे. उन्होंने न सिर्फ वित्त मंत्रालय संभाला. बल्कि यह भी पक्का किया कि COVID के दौरान भी महाराष्ट्र का काम नहीं रुके. उद्धव ने भावुक होते हुए कहा, ‘मैंने एक प्यारा और अच्छा दोस्त खो दिया है, यह सच है, लेकिन यह भी सच है कि महाराष्ट्र ने एक काबिल नेता खो दिया है.’
उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘हाल के दिनों में, हमने गोपीनाथ मुंडे, RR पाटिल और अजित पवार जैसे बड़े लीडर्स को खो दिया है, और यह महाराष्ट्र का दुर्भाग्य है. उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अजित दादा के लिए शोक भाषण दूंगा, लेकिन दुर्भाग्य से, हम सभी को यह करना पड़ रहा है.’




