भिवानी में बारिश और ओलावृष्टि के बाद बदला मौसम: गेहूं और सरसों की फसलों को मिला जीवनदान

भिवानी। बारिश और ओलावृष्टि के बाद जिले में मौसम ने करवट ली और शुक्रवार सुबह हल्की धुंध व गेहूं की फसल पर ओस की बूंदों के साथ दिन की शुरुआत हुई। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवी लाल के अनुसार मौजूदा मौसम फसलों के अनुकूल है। ओलावृष्टि के बावजूद कहीं से भी फसल नुकसान की सूचना नहीं मिली है। गनीमत रही कि बारिश के दौरान तेज हवाएं नहीं चलीं, अन्यथा ओलावृष्टि के साथ नुकसान की आशंका बढ़ सकती थी।
पिछले दिनों अचानक तापमान बढ़ने से रबी सीजन की फसलें समय से पहले पकाव की ओर बढ़ रही थीं। अधिकांश किसानों ने सरसों की अगेती बुवाई की थी और अब फसल में फलियां आ चुकी हैं। अनुमान है कि करीब एक पखवाड़े में सरसों की फसल पककर तैयार हो जाएगी। वहीं गेहूं की फसल इस समय बढ़वार की अवस्था में है। किसानों का कहना है कि तेज हवाओं और बढ़ते तापमान के कारण गेहूं की फसल सूखने लगी थी, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका थी। ऐसे में हल्की बारिश से फसलों को राहत मिली है। शुक्रवार को दिनभर धूप खिली रही। अधिकतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 143 दर्ज किया गया जिससे हवा में प्रदूषण का स्तर कम हुआ है।




