हरियाणा

भारत की पारंपरिक कृषि का ही एक रूप है आर्गेनिक खेती : राकेश बेनिवाल

आर्गेनिक खेती को वैकल्पिक नहीं, मुख्यधारा बनाना है केवाईसी का उद्देश्य

भिवानी, (ब्यूरो): पिछले कुछ दशकों में भारत में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग कई गुना बढ़ा है। इससे मिट्टी की ताकत खत्म होने लगी और हमारे भोजन में ऐसे रसायन शामिल हो गए जो लंबे समय में कैंसर, थायराइड, हार्मोनल असंतुलन जैसी बीमारियों का कारण बन रहे हैं। ऐसे में स्वस्थ भारत की ओर कदम बढ़ाते हुए आर्गेनिक खेती करने के लिए किसानों को तथा आर्गेनिक प्रोडेक्ट अपनाने के लिए आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से किसना युवा क्लब द्वारा आग्र्रेनिक क्रांति अभियान चलाया हुआ है। यह बात किसान युवा क्लब के संस्थापक राकेश बेनिवाल, सुधीर तंवर, विनीत पिलानिया व बबीता यादव ने प्रैस को जारी ब्यान में कही। उन्होंने कहा कि किसान युवा क्लब का उद्देश्य किसानों को आर्गेनिक खेती से जोडकऱ फसलों की गुणवत्ता सुधार करने के साथ-साथ देश के स्वास्थ्य और मिट्टी के भविष्य को भी सुरक्षित करना है। उन्होंने बताया कि किसानों के आर्गेनिक उत्पाद आमजन तक आसानी से पहुंचाने के लिए केवाईसी द्वारा अपने स्तर पर मार्केटिंग अभियान की भी जल्द शुरूआत की जाएगी, जिसके तहत किसान युवा क्लब द्वारा अपने स्तर पर किसानों को आर्गेनिक उत्पाद बेचने के लिए स्थान मुहैया करवाया जाएगा, जिसमें किसान की फोटो से लेकर नंबर तक सभी जानकारी होगी। इसका फायदा यह होगा कि ग्राहक सीधे तौर पर आर्गेनिक खेती करने वाले किसान से जुड़ेगा। उन्होंने कहा कि आर्गेनिक खेती कोई नया विचार नहीं, बल्कि भारत की पारंपरिक कृषि का ही एक रूप है तथा केवाईसी का उद्देश्य आर्गेनिक खेती को वैकल्पिक नहीं, मुख्यधारा बनाना है, ताकि किसान आर्थिक तौर पर समृद्ध व नागरिक स्वस्थ रह सकें।

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