अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी: बिना इलाज तड़प रहे मरीज, स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल

भिवानी। नव वर्ष आने के बाद भी जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार नहीं हो पाया है। अस्पताल में पेट रोग और हार्ट रोग विशेषज्ञ सहित कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं जिससे मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। दवा वितरण के लिए फार्मासिस्ट के सात पद रिक्त हैं जबकि रेडियोलॉजिस्ट का एक पद भी खाली है। स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
दवा वितरण केंद्र पर फार्मासिस्टों की भारी कमी बनी हुई है। इस कारण प्रशिक्षु कर्मचारियों द्वारा ही मरीजों को दवाइयां वितरित की जा रही हैं। इसके अलावा दवा वितरण केंद्र पर दवाओं की भी कमी बनी रहती है। एक ही स्थान पर दवा वितरण होने के कारण मरीजों को लंबी कतारों में लगकर दवा लेनी पड़ती है।
लिफ्ट सिस्टम का नहीं हुआ सुधार, कार्य जारी
अल्ट्रासाउंड केंद्र पर जांच के लिए करना पड़ रहा मरीजों को इंतजार
सामान्य विशेषज्ञ ही दे रहे पेट रोग संबंधी मरीजों को परामर्श
नए भवन में शुरू नहीं हुई ऑपरेशन की सुविधा
पेट में दर्द होने के बाद डॉक्टर को दिखाने के लिए आया हूं। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड जांच कराने को कहा। नागरिक अस्पताल में जांच के लिए पहुंचा तो भीड़ अधिक होने के कारण आज नंबर नहीं आ पाया। इसलिए बाहर निजी केंद्र से जांच कराने जा रहा हूं।
पिछले कुछ दिनों से पेशाब में रुकावट के साथ तेज दर्द हो रहा है। इस कारण ओपीडी में जांच के लिए आया था। चिकित्सक ने पथरी की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड कराने को कहा लेकिन यहां आकर पता चला कि जांच के लिए पांच दिन बाद आना पड़ेगा।
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार कार्य कर रहा है। प्रत्येक नागरिक तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है। अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र पर एक रेडियोलॉजिस्ट तैनात है। गर्भवती महिलाओं और आपात विभाग के मरीजों की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। लिफ्टों को ठीक करने का कार्य जारी है।
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में मरीजों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा है। दवा वितरण केंद्र पर भी मरीजों को दवाइयां समय पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। ऑपरेशन सुविधा शुरू करने की प्रक्रिया जारी है।




