5 पूर्व CM समेत दिग्गजों की साख दांव पर—राजनीतिक वारिसों का भविष्य किस मोड़ पर?

बिहार में वोटों की गिनती जारी है. एनडीए और महागठबंधन के बीच ही कांटे की जंग है. लेकिन इस चुनाव में बड़ी संख्या में ऐसे चेहरे भी हैं जो किसी न किसी राजनीतिक परिवार से नाता रखते हैं और उन पर अपने परिवार की साख बचाने की भी चुनौती है. करीब-करीब सभी प्रमुख दलों ने राजनीति में अपना सिक्का चलाने के बाद उनके वारिसों को भी चुनावी समर में उतारा है. राज्य के कम से कम 5 पूर्व मुख्यमंत्री के अलावा पूर्व सांसद और पूर्व विधायक के घर के बेटे-बेटी या रिश्तेदार भी मैदान में हैं.
Live Updates…
- जोकीहाट सीट से दोनों भाई सरफराज आलम और शाहनवाज आलम पिछड़ गए हैं. जेडीयू के मंजार आलम बढ़त बनाए हुए हैं.
- मोरवा सीट से जागृति चौथे नंबर पर हैं. उन्हें तीन राउंड की वोटिंग के बाद मात्र 387 वोट मिले हैं. आरजेडी के रणविजय साहू लीड कर रहे हैं.
- झंझारपुर से बीजेपी के नेता नीतीश मिश्रा बड़े अंतर से बढ़त बनाए हुए हैं.
- राघोपुर सीट पर बड़ा उलटफेर हुआ है. तेजस्वी यादव 1273 वोट से पीछे चल रहे हैं.
- महुआ से तेज प्रताप यादव तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं, लोजपा के संजय कुमार सिंह मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के दोनों बेटे चुनाव लड़ रहे हैं. तेजस्वी यादव तो राष्ट्रीय जनता दल की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनता दल की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा हैं. तेजस्वी वैशाली जिले की राघोपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. इसी तरह इसी जिले की महुआ सीट से पूर्व मंत्री और लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अपनी नई पार्टी जेजेपी के टिकट पर मैदान में हैं.
लालू ही नहीं कई और पूर्व CM के परिवार
इनके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के बेटे और नीतीश सरकार में मंत्री रहे नीतीश मिश्रा भी मधुबनी जिले की झंझारपुर से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. इसी तरह एक अन्य पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर की पोती जागृति ठाकुर भी चुनाव लड़ रही हैं. वह समस्तीपुर की मोरवा सीट से अपनी किस्मत आजमा रही हैं. उन्हें जन सुराज पार्टी ने मैदान में उतारा है.
इसी तरह जन सुराज ने चैनपुर सीट से हेमंत चौबे को खड़ा किया. वह दिग्गज नेता लालमुनि चौबे के बेटे हैं. लालमुनि बक्सर से 4 बार के लोकसभा सांसद चुने गए थे. साथ ही वह कैमूर जिले की चैनपुर सीट से 3 बार विधायक भी रहे. लालमुनि बिहार सरकार में मंत्री भी रहे थे. एक अन्य केंद्रीय मंत्री तिवारी केंद्रीय के बेटे तथागत हर्षवर्धन जन सुराज पार्टी के टिकट पर बक्सर सीट से चुनौती पेश कर रहे हैं.
जोकीहाट में पूर्व MP के 2 बेटे आमने-सामने
वहीं सीमांचल क्षेत्र के अररिया जिले की जोकीहाट विधानसभा सीट पर तो 2 भाइयों के बीच मुकाबला है. बिहार की सियासत में कद्दावर मुस्लिम नेताओं में शुमार किए जाने वाले और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहम्मद तस्लीमुद्दीन के 2 बेटे यहां से चुनाव लड़ रहे हैं. तस्लीमुद्दीन के बेटे और पूर्व सांसद सरफराज आलम जन सुराज पार्टी से मैदान में हैं तो निवर्तमान विधायक शाहनवाज आलम राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के टिकट से प्रत्याशी हैं.
एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के परिवार से 3 लोग चुनाव मैदान में हैं. उनकी बहू बहू दीपा कुमारी अनुसूचित जनजाति के लिए रिजर्व इमाम गंज सीट से मैदान में हैं तो उनकी समधन ज्योति देवी रिजर्व बाराचट्टी सीट से मैदान में उतरी हैं. ज्योति देवी दीपा की मां हैं. इनके अलावा मांझी के दामाद प्रफुल्ल कुमार मांझी सिकंदरा सीट से मैदान में हैं.
उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी भी मैदान में
बीजेपी ने चर्चित जमुई सीट से श्रेयसी सिंह को उतारा है. वह पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता दिग्विजय सिंह की बेटी हैं, जबकि उनकी मां पुतुल कुमारी भी सांसद (बांका सीट) रह चुकी हैं. इसी तरह बीजेपी प्रत्याशी राणा रणधीर पूर्व विधायक और पूर्व सांसद सीताराम सिंह के बेटे हैं और मधुबन सीट से लड़ रहे हैं.
सियासी वारिसों की बड़ी लंबी लिस्ट में पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के पुत्र और चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) से उनके भतीजे सीमांत मृणाल भी मैदान में हैं. इसी तरह सासाराम सीट से स्नेहलता भी किस्मत आजमा रही हैं, जो राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी हैं. देखा जाए तो चुनाव में ऐसे लोगों की लिस्ट बहुत बड़ी है जो किसी न किसी राजनीतिक पार्टी से नाता रखते हैं.




