मुंबई में डूबा परिवारवाद का किला! बड़े सियासी घरानों को जनता ने नकारा, नवी मुंबई में पति-पत्नी की 4 जोड़ियां बनीं ‘पावर कपल’

देश के सबसे अमीर नगर निगम बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव परिणाम पर सभी की नजरें टिकी थीं. परिणाम आया तो जीत भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खाते में गई. ठाकरे परिवार का 3 दशक से चला आ रहा दबदबा खत्म हो गया है. साथ ही मुंबई के चुनावी नतीजे यह भी साबित कर दिया है कि यहां की जनता ने नेताओं के परिवार के उम्मीदवारों को सिरे से नकार दिया है. कभी ये भी ट्रेंड हुआ करता था कि नेताओं के बच्चों या परिवार को मुंबईकर आसानी से जीता दिया करते थे लेकिन इस बार ये मामला उलटा ही पड़ गया. हालांकि नवी मुंबई में पति-पत्नी की जोड़ियों को भी कामयाबी मिली है.
इस बार का चुनाव राजनीतिक वंशजों के लिए बहुत ही बुरा रहा. कई बड़े राजनीतिक परिवारों के वारिसों को हार का सामना करना पड़ा. एकनाथ शिंदे की शिवसेना के सांसद रविंद्र वायकर की बेटी दीप्ति वायकर चुनाव हार गईं. दीप्ति को शिवसेना (उद्धव ठाकरे) की लोना रावत ने हराया. इसी तरह शिंदे की पार्टी के नेता राहुल शेवाले की भाभी वैशाली शेवाले को हार मिली. धारावी से खड़ी वैशाली को कांग्रेस की आशा काले के हाथों हार मिली.
भाई, बेटा और दामाद सब हारे
शिवसेना के विधायक मंगेश कुंडालकर के बेटे जय कुंडालकर भी चुनाव हार गए. उन्हें शिवसेना (उद्धव ठाकरे) की उम्मीदवार प्रवीणा मोराजकर ने मुकाबले में हराया.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के कद्दावर नेता नवाब मालिक को भी निकाय चुनाव में झटका लगा. उनके भाई कप्तान मालिक वार्ड नंबर 165 से कांग्रेस के प्रत्याशी अशरफ आजमी से हार गए. कांग्रेस के विधायक असलम शेख के दामाद आहात खान की भी पराजय हुई है.
अरुण गवली की दोनों बेटियां हारीं
मुंबई में माफिया से नेता बने अरुण गवली के लिए भी यह चुनाव अच्छा नहीं रहा. गवली की दोनों बेटियां चुनाव हार गईं. अखिल भारतीय सेना पार्टी से खड़ी योगिता गवली और गीता गवली को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा.
बीएमसी के इतर नवी मुंबई में इसका उल्टा रिजल्ट आया है. नवी मुंबई में नेताओं के रिश्तेदारों को वहां की जनता ने सर आंखों पर बिठाया है. शिवसेना के ऐरोली से नेता विजय चौगुले खुद जीते, जबकि उनकी बेटी चांदनी चौगुले, दामाद आकाश मधवी और बेटा ममित चौगुले चारों चुनाव जीत गए हैं. वहीं ऐरोली के सेक्टर-4 से हेमांगी सोनवाने और उनकी बेटी ऐश्वर्या सोनवाने भी चुनाव जीत गईं.
भतीजे और बहू को मिली जीत
वाशी से शिवसेना की प्रणाली लाड़ और उनकी बेटी सोनवी लाड़ चुनाव जीत गईं. जबकि तलवाली राबले से मंदाकिनी महात्रे और अनिकेत महात्रे के रूप में मां-बेटे चुनाव जीते हैं. सान पाड़ा से बीजेपी के टिकट पर दशरथ भगत और उनके भतीजे निशांत भगत और बहू प्रीति भगत चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं. तुर्भे से शिवसेना के सुरेश कुलकर्णी और उनकी बहू अबोली कुलकर्णी को जीत मिली है.
नेरुल से बीजेपी के पूर्व मेयर जयवंत सुतार के साथ-साथ उनकी बहू माधुरी सुतार भी चुनाव जीतने में कामयाब रहे. तुर्भे से ही बीजेपी के काशीनाथ पाटिल और उनकी बेटी प्रणाली पाटिल चुनाव जीते. बेलापुर से पूनम पाटिल और उनके भतीजे अमित पाटिल दोनों बीजेपी के टिकट पर विजयी हुए.
नवी मुंबई में पति-पत्नी बने पार्षद
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री गणेश नाइक के परिवार को बड़ी जीत मिली है. नाइक के बेटे सागर नाइक, बहु वैष्णवी नाइक, अदिति नाइक और रेखा महात्रे ये चारों चुनकर आए हैं.
नवी मुंबई से पति-पत्नी की जोड़ी का भी प्रदर्शन शानदार रहा है. इस तरह से चुनाव जीतने वाली 4 जोड़ी हैं. इसमें पूर्व मेयर सुधाकर सोनवाने अपनी पत्नी रंजना सोनवाने, शिवराम पाटिल अपनी पत्नी अनिता पाटिल, रविकांत पाटिल अपनी पत्नी भारती पाटिल और सूरज पाटिल अपनी पत्नी सुजाता पाटिल के साथ चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं.




