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कलेजे के टुकड़े से ज्यादा प्यारी थी ‘सगाई’? नवजात को बहन के घर छोड़ जश्न में डूबी मां, तड़प-तड़प कर मासूम की मौत

दुनिया में मां के प्यार को सबसे ऊपर रखा गया है, लेकिन कर्नाटक के तुमकुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने ममता को कलंकित कर दिया है. यहां एक मां ने अपनी बड़ी बेटी की सगाई के जश्न में शामिल होने के लिए अपनी एक दिन की नवजात बच्ची को बेसहारा छोड़ दिया. देखभाल और मां के दूध के अभाव में मासूम की तबीयत बिगड़ी और उसने दुनिया देखने से पहले ही अपनी आंखें हमेशा के लिए बंद कर लीं.

घटना तुमकुर शहर की है. 40 वर्षीय एक महिला, जिसके पहले से ही दो बच्चे हैं, उसने 28 जनवरी को एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया. विडंबना देखिए कि जिस समय इस नन्ही जान ने घर में कदम रखा, उसी समय परिवार में बड़ी बेटी की सगाई की तैयारियां चल रही थीं. बच्ची के जन्म के ठीक अगले दिन सगाई का कार्यक्रम तय था. एक दिन की प्रसूता मां ने आराम करने और बच्चे की देखभाल करने के बजाय ‘जश्न’ को चुना. वह अपनी एक दिन की बच्ची को अपनी बहन (मासी) के घर छोड़कर खुद सगाई के कार्यक्रमों में व्यस्त हो गई.

अस्पताल में तोड़ा दम, लापरवाही आई सामने

जब मां सगाई की रस्मों में मगन थी, तब मां के आंचल से दूर उस नवजात की तबीयत अचानक बिगड़ गई. रिश्तेदारों ने आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका. डॉक्टरों के अनुसार, नवजात को उस नाजुक समय में जिस देखभाल और पोषण की जरूरत थी, वह उसे नहीं मिली.

अस्पताल कर्मियों की सतर्कता से खुला राज

बच्ची की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन को मामले में गड़बड़ी और लापरवाही का संदेह हुआ. उन्होंने तुरंत इसकी सूचना जिला बाल संरक्षण इकाई को दी. जब इकाई ने मामले की जांच की, तो मां की भयानक लापरवाही का खुलासा हुआ. बाल संरक्षण इकाई की शिकायत पर तुमकुर महिला पुलिस स्टेशन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है.

माता-पिता समेत 4 पर FIR

तुमकुर महिला पुलिस ने इस दर्दनाक मौत के मामले में मृत नवजात के माता-पिता और दो अन्य रिश्तेदारों सहित कुल चार लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है. पुलिस ने किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब उन परिस्थितियों की कड़ाई से जांच कर रही है जिनके चलते एक नवजात को इस तरह उपेक्षित किया गया.

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