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वन विभाग की चालाकी काम आई! जमशेदपुर में सफेद मूंगा तस्कर दबोचे गए

झारखंड में इन दिनों प्रतिबंधित चीजों की कालाबाजारी जोरों पर है. ऐसा ही एक मामला जमशेदपुर शहर से भी सामने आया है, जहां वन विभाग की टीम ने प्रतिबंधित सफेद समुद्री कोरल (मूंगा) के साथ चार तस्करों को पकड़ा है. इस मूंगा की कीमत 10 से 15 लाख रुपए के बीच बताई जा रही है. वहीं इनका वजन करीब 3 किलो है. गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. गिरफ्तार तस्करों में से तीन लोग रांची के रहने वाले हैं, जबकि एक पश्चिम सिंहभूम का है.

दीपक कुमार महतो, प्रमोद कैवता और अभय कुमार रांची के अलग-अलग थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं. वहीं, चौथा तस्कर हरिचरण गोप पश्चिम सिंहभूम के गम्हरिया थाना क्षेत्र का रहने वाला है. जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर के एक होटल में प्रतिबंधित सफेद समुद्री कोरल (मूंगा) की डील होनी थी. गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम और वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के सदस्यों की एक टीम होटल में खरीददार बनकर पहुंची.

सफेद मूंगा के साथ चार तस्कर अरेस्ट

टीम को देखते ही तस्करों ने एक बैग से निकला मूंगा उनके सामने रख दिया. इसके बाद वन विभाग ने मूंगा को जब्त करते चारों तस्करों को दबोच लिया. जानकारों की मानें तो व्यापार और कारोबार में उन्नति के साथ-साथ घर में सुख-समृद्धि और गुड लक के लिए समुद्री कोरल को लोग अपने घरों में रखते हैं. इसके अलावा, सफेद समुद्री कोरल का उपयोग महंगे आभूषण बनाने में भी किया जाता है. समुद्री कोरल से खूबसूरत गहने जैसे हार, अंगूठी, कंगन आदि बनाए जाते हैं.

वन विभाग ने तस्करों के खिलाफ शुरू की कार्रवाई

इसी के चलते सफेद समुद्री कोरल की मार्किट में बहुत ज्यादा डिमांड रहती है. सरकार ने इसकी खरीद-बिक्री पर रोक लगा रखी है. बावजूद इसके मोटा पैसा कमाने के लिए तस्कर इसका व्यापार करते हैं. जमशेदपुर के होटल से पकड़े गए तस्करों के खिलाफ वन विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है.

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