हरियाणा में विमुक्त घूमंतु जाति विकास बोर्ड के पुर्नगठन की उठी मांग विमुक्त घूमंतु जाति विकास बोर्ड में इन्ही जातियों के लोगों को मिले अहम पदों पर जिम्मेवारियां : अधिवक्ता जयमल सिंह
प्रदेश में अब भी समाज की मुख्यधारा में आने के लिए संघर्षरत्त है विमुक्त घूमंतु जातियां

भिवानी ( ब्यूरो): हरियाणा में विमुक्त घूमंतु जातियों को अब भी समाज की मुख्यधारा में आने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण ये समुदाय पिछड़ेपन का शिकार हैं। ऐसे में विमुक्त घूमंतु जातियों के बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए जरूरी है कि विमुक्त घूमंतु जाति विकास बोर्ड के पुर्नगठन जल्द से जल्द करवाया जाए तथा इस बोर्ड में इन्ही जातियों के लोगों को चेयरमैन, सचिव व सलाहकार जैसे पदों पर नियुक्त किया जाए, ताकि विमुक्त घूमंतु जाति का विकास एवं उत्थान और भी तेजी से किया जा सकें। यह बात विमुक्त घुमंतु जाति बोर्ड के पूर्व सदस्य अधिवक्ता जयमल सिंह ने विमुक्त घूमंतु जाति विकास बोर्ड के पूर्व चेयरमैन डा. बलवान सिंह से मुलाकात करते हुए कही। उन्होंने कहा कि विमुक्त घूमंतु जातियां सदियों से हाशिए पर हैं। जब तक इनके विकास के लिए विशेष तौर पर मजबूती से कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक इन्हें सामाजिक और आर्थिक बराबरी नहीं मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि विमुक्त घूमंतु जाति विकास बोर्ड के पुर्नगठन में यदि इन्ही जातियों में से लोगों को अहम पदों पर जिम्मेवारियां मिलती है तो इससे इन समुदायों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही, राजनीतिक रूप से यह सरकार के लिए भी एक बड़ा कदम साबित हो सकता है, क्योंकि हरियाणा में इन जातियों की संख्या लाखों में है और उनका राजनीतिक प्रभाव बढ़ रहा है।