उत्तर प्रदेश

प्रतिनिधि मंडल के निरन्तर प्रयासों से हुआ अनेकों व्यापारी समस्याओं का समाधान

नोएडा। राजेश शर्मा। उत्तरप्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश कोषाध्यक्ष नरेश कुच्छल ने एक विज्ञप्ति में कहा कि प्रतिनिधि मंडल के निरन्तर प्रयासों के कारण यूपी सरकार से पिछले 3 वर्षों में कई मांगे पूरी हुई है।

उन्होंने बताया कि 2 अगस्त 2022 से श्रम विभाग का लाइसेंस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 वर्ष का शुल्क एकमुश्त लेकर आजीवन कर दिया है। इससे व्यापारी लाभान्वित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 20 अगस्त 2023 को मुख्यमंत्री ने व्यापारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से पहले प्रांरभिक जांच का निर्देश दिया है। इससे व्यापारियों को काफी राहत मिली।

28 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री ने 13 विभागों में व्यापारियों को छोटी-छोटी बातों पर जेल भेजने का कानून समाप्त किया है। यह सबसे बड़ी सफलता है।

20 नवम्बर 2025 को यूपी सुगम्य व्यापार प्रावधान संशोधन अध्यादेश की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके अंतर्गत कानून तोड़ने पर व्यापारियों को जेल भेजने के बजाय जुर्माना लगाया जायेगा।

उन्होंने कहा कि 15 नवम्बर 2025 को प्रदेश सरकार के श्रममंत्री अनिल राजभर ने कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया है कि 20 से कम कर्मचारी एक दुकान में होने पर उस दुकानदार को श्रम विभाग का लाइसेंस नहीं लेना होगा। इससे 90 प्रतिशत व्यापारियों को लाभ होगा।

उन्होंने बताया कि कम जोखिम वाले गैर खतरनाक प्रतिष्ठानों का अब बार-बार निरीक्षण नहीं किया जायेगा। 5 वर्ष में केवल एक बार स्थिति के आधार पर निरीक्षण होगा।

कहा कि उत्तर प्रदेश शासन ने 12 मीटर के स्थान पर अब 7 मीटर चौड़ी सड़कों के किनारे छोटे उद्योग लगाने की सुविधा प्रदान कर दी है।

सभी जनपदों में प्रतिमाह व्यापार बंधु, उद्योग बंधु, व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठों की बैठकें व्यापारी नेताओं के साथ नियमित हो रही हैं, जिनमें व्यापारी समस्याओं का समाधान किया जाता है।

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