टेक्नोलॉजी

Facebook और Instagram पर AI का जादू: 3.4 अरब लोग रोज कर रहे इस्तेमाल

मेटा प्लेटफॉर्म्स का एआई में निवेश कंपनी के लिए फायदेमंद साबित होता नजर आ रहा है, कंपनी ने अपनी दूसरी तिमाही की रिपोर्ट जारी की है. मेटा सीईओ Mark Zuckerberg ने बताया कि एआई सिस्टम ने लोगों का इंगेजमेंट टाइम और कंपनी का रेवेन्यू (Instagram, Facebook, WhatsApp और Messenger) बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया है. जहां कुछ लोगों को Meta AI खूब पसंद आ रहा है तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें ये AI slop लग रहा है, आसान भाषा में इसका मतलब है कि कम गुणवत्ता वाले कंटेंट को लेकर शिकायत कर रहे हैं.

इस पर मेटा एआई का बचाव करते हुए मार्क जकरबर्ग का कहना है कि मेटा का एडवांस एआई पहले से ज्यादा समझदार हो गया है यानी इसमें सुधार हुआ है क्योंकि अब एआई लोगों को उनके टेस्ट के हिसाब से कंटेंट दिखा रहा है जो उनके इंटरेस्ट से भी मेल खाता है. यही कारण है कि इस तिमाही यूजर्स ने फेसबुक पर 5 फीसदी ज्यादा समय बिताया और इंस्टाग्राम पर 6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है.

Meta AI से बढ़ा रेवेन्यू

जून तक, दुनियाभर में 3.4 अरब से ज्यादा लोग रोजाना कम से कम एक मेटा (फेसबुक, व्हाट्सऐप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम) का इस्तेमाल कर रहे हैं और ये आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 6 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है. कंपनी का मेटा ऐप्स में एआई देने का फैसला फायदेमंद साबित हुआ है क्योंकि इससे दूसरी तिमाही में कुल राजस्व $47.1 अरब तक पहुंचा गया है जो साल-दर-साल के हिसाब से 22 प्रतिशत की मज़बूत वृद्धि को दर्शाता है.

मेटा प्लेटफॉर्म पर वीडियो कंटेंट देखने में बिताया गया समय साल-दर-साल 20 फीसदी बढ़ा, जिसका श्रेय AI पावर्ड रैंकिंग ऑप्टिमाइजेशन और इंस्टाग्राम पर ज्यादा ऑरिजनल कंटेंट को प्रमोट करने की स्ट्रैटेजी भी सफल साबित हुई है. मार्क जकरबर्ग का दावा है कि एआई ने मेटा ऐप्स पर बिताए जाने वाले समय को बढ़ाने में मदद की है, हाल ही में उन्होंने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया है कि कंपनी पर्सनल सुपर इंटेलिजेंस की दिशा में कदम बढ़ा रही है. भले ही प्रोसेस थोड़ा स्लो है लेकिन मेटा के एआई मॉडल्स खुद को बेहतर बनाना सीख रहे हैं.

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