हरियाणा

कोहरे की मार जारी: दूसरे दिन भी हालात गंभीर, दृश्यता बेहद कम

भिवानी। जिले में दिसंबर के अंतिम दिनों में ठंड लगातार बढ़ती जा रही है। घने कोहरे के कारण सोमवार रात के समय दृश्यता तीन मीटर से कम और मंगलवार सुबह पांच मीटर तक सिमट गई। कम दृश्यता के चलते सड़कों पर वाहनों की गति धीमी रही और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

कोहरे का असर रेल यातायात पर भी साफ नजर आया। गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस छह घंटे देरी से स्टेशन पहुंची जबकि कालिंदी एक्सप्रेस तीन घंटे की देरी से आई। किसान एक्सप्रेस भी दो घंटे 45 मिनट देरी से भिवानी जंक्शन पहुंची।

सोमवार रात से ही धुंध का असर दिखना शुरू हो गया था जो मंगलवार सुबह दोपहर करीब 11 बजे तक बना रहा। भिवानी से हांसी राष्ट्रीय राजमार्ग 148बी पर कम दृश्यता के कारण वाहन रेंगते हुए चलते नजर आए। इसका असर दैनिक आवागमन पर भी पड़ा और शहर के महाविद्यालयों व ड्यूटी पर जाने वाली सवारियां समय पर नहीं पहुंच सकीं। ग्रामीण रूटों पर चलने वाली बसें भी एक घंटे तक देरी से चलीं। वहीं रेलवे यातायात प्रभावित रहा और शहर के जंक्शन पर कई ट्रेनें पांच से छह घंटे देरी से पहुंचीं।

मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 31 दिसंबर से एक और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से 31 दिसंबर की रात से एक जनवरी के दौरान राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इस दौरान दिन के तापमान में हल्की गिरावट, रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी और नमी बढ़ने से अधिकतर क्षेत्रों में सुबह धुंध रहने की संभावना है। हालांकि 2 से 5 जनवरी के दौरान उत्तर और उत्तर-पश्चिमी शीत हवाएं चलने से विशेषकर रात्रि तापमान में फिर से गिरावट आने की संभावना है।

धुंध में ब्लैक स्पॉट से भी बढ़ा हादसों का अंदेशा

धुंध के मौसम में ब्लैक स्पॉट पर हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। भिवानी-दादरी-महेंद्रगढ़-नारनौल मार्ग पर गांव हालुवास के समीप अचानक आने वाले मोड़ों पर धुंध के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। यहां सड़क पर संकरे मोड़ हैं जो कोहरे में वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते। इन मोड़ों पर न तो संकेतक लगे हैं और न ही रिफ्लेक्टर जिससे खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में तेज गति से आने वाला कोई भी वाहन टकरा सकता है। खासकर दुपहिया वाहन चालकों को यहां सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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