नशे की लत आत्मनियंत्रण से दूर कर देती है: गिरी बाला यादव
डीएलएसए की ओर से राजकीय पीजी कॉलेज में नशा मुक्ति पर कार्यक्रम आयोजित
नारनौल(ब्यूरो): जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष नरेन्द्र सूरा के निर्देशानुसार व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी नीलम कुमारी के मार्गदर्शन में आज राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नारनौल में “नशे से जंग, महेन्द्रगढ़ के संग” नालसा (डॉन) योजना-2025 और नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता शिविर का आयोजन किया।
इस शिविर में सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की भजन मंडली ने भजन के माध्यम से नशे से जंग, महेन्द्रगढ़ के संग नशा मुक्त अभियान के तहत नशा से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक किया। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पैनल अधिवक्ता गिरी बाला यादव ने बताया कि नशा एक सामाजिक बुराई है जो व्यक्ति के शरीर, मन और समाज को बुरी तरह प्रभावित करता है। नशे की लत आत्मनियंत्रण से दूर कर देती है और उसे विनाश की ओर ले जाती है ऐसे में नशा मुक्ति की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। नशा करने से शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। नशा हृदय, फेफड़ों और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाता है। नशे से पीडि़त व्यक्ति मानसिक रूप से गुस्से का शिकार हो जाता है। साथ ही पारिवारिक संबंध बिगड़ जाते हैं और सामाजिक प्रतिष्ठा नष्ट हो जाती है। मेडिकल अधिकारी रवि ने भी विद्यार्थियों को नशे से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक किया। इस अवसर पर प्रिंसिपल डॉ हवासिंह, डॉ मीना कुमारी, डॉ मुदगील व अशोक स्वंय सेवक मौजूद थे।




