स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दिखाई IPS अजय पाल शर्मा की फोटो, बोले- ‘ये असली नहीं, AI जनरेटेड है’; मचा हड़कंप

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों के लिए प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा को जिम्मेदार बताया है. शंकराचार्य ने मंगलवार को मीडिया को एक तस्वीर दिखाई, जिसमें अजय पाल शर्मा केक काटते हुए दिखाई दे रहे हैं. आशुतोष ब्रह्मचारी उनके बगल में खड़े हैं. वहीं, अविमुक्तेश्वरानंद के आरोपों पर आशुतोष महाराज ने कहा है कि ये AI जनरेटे़ड फोटो हे.
शंकराचार्य ने तस्वीर दिखाते हुए कहा, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन से ही मेरे खिलाफ प्रशासन और पुलिस ने षड्यंत्र करना शुरू कर दिया था. जिस पॉक्सो में तुरंत एफआईआर का प्रावधान है उसमें पुलिस खुद कोई मामला दर्ज ना करते हुए कोर्ट से एफआईआर कराती है. अधिकारियों को मेल भेजा जाता है, इसके बावजूद क्यों केस दर्ज नहीं होता है.
शंकराचार्य बोले- अजय पाल से क्या उम्मीद करेंगे
शंकराचार्य ने कहा कि पुलिस को ये मैसेज देना था कि मामला कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ है और कोर्ट ने भी 14 पन्नों के फैसले में साक्ष्य की बातें कम और रूलिंग का ज़िक्र ज़्यादा है. तो ये आशुतोष ब्रह्मचारी के पीछे कौन है वो इस तस्वीर से साफ हो जाती है. उन्होंने कहा कि सारी मशीनरी सारा सिस्टम मेरे खिलाफ सिर्फ इसलिए है कि क्योंकि मैं गऊ रक्षा अभियान से पीछे हट जाऊं. लेकिन ये संभव नही है.
अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मेला अधिकारी अजय पाल शर्मा आशुतोष महाराज का जन्मदिन मना रहे हैं. मुझे ये तस्वीर जनता भेज रही है. आप अजय पाल शर्मा से क्या जांच की उम्मीद करेंगे.
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने ये भी दावा किया है एक परिवार सहारनपुर से मेरे पास आया. उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति, जिसका नाम आशुतोष महाराज है ने उनसे कहा कि तुम्हारी एक नाबालिग बेटी है. उसका नाम लेकर अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगा दो. बदले में हम तुम्हें उसकी शादी के लिए बहुत धन देंगे और तुम्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा.
कोर्ट पहुंचे अविमुक्तेश्वरानंद
उधर गिरफ्तारी से बचने के लिए अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है. इसपर आशुतोष महाराज ने कहा कि उन्हें न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है. उन्होंने ये भी कहा कि न्याय पालिका ने ही सारे सबूत देखकर ही उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था इसलिए उन्हें जमानत नहीं मिलनी चाहिए.
बता दें कि यौन शोषण के मामले में पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर एफ़आईआर दर्ज की गई है, जिसके बाद आज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई.




