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मुंबई के मेयर पद पर सस्पेंस! बीजेपी के दबदबे के बीच शिंदे सेना की ‘घेराबंदी’, क्या है पर्दे के पीछे का खेल?

मुंबई नगर निगम के चुनावों में बीजेपी को महापौर बनाने का मौका मिला है. इससे पहले पिछले 25 साल से शिवसेना (अविभाजित) का इस पद पर दबदबा रहा है. उधर, मुंबई में महापौर पद को लेकर शिवसेना की होटल पॉलिटिक्स दिखनी शुरू हो गई है. शिवसेना के सभी नगरसेवकों को आज दोपहर 4 बजे तक बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड पहुंचने के आदेश दिए गए.

एकनाथ शिंदे की शिवसेना के सभी निर्वाचित नगरसेवकों को बांद्रा के ताज लैंड्स एंड होटल में ले जाया जाएगा. ताज में मीटिंग की बात कही जा रही है. बता दें कि महाराष्ट्र में हुए 29 नगर निगम चुनावों के नतीजे आ चुके हैं. इन चुनावों में बीजेपी का प्रदर्शन शानदार रहा है. सबकी निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि क्या बीजेपी मुंबई महानगरपालिका में सत्ता में आएगी.

कौन होगा मुंबई का महापौर?

बीजेपी की रणनीति की सफलता से उद्धव ठाकरे का नगरपालिका में 25 साल का शासन समाप्त हो गया. अब बीजेपी की रणनीति इस बात पर टिकी है कि मुंबई का महापौर कौन होगा. एकनाथ शिंदे की बदौलत बीजेपी मुंबई में सत्ता में आई है, जिसके चलते शिंदे की सौदेबाजी की शक्ति में काफी इजाफा हुआ है.

कुछ ऐसे रहे चुनावी नतीजे

मुंबई महानगरपालिका की 227 सीटों में से महायुति पार्टी ने 118 सीटें जीती हैं. बीजेपी 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. एकनाथ शिंदे की पार्टी को 29 सीटें मिली हैं. 25 साल बाद मुंबई महानगरपालिका में बीजेपी का मेयर होगा. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि मुंबई के मेयर हिंदू मराठी होंगे. वहीं, शिंदे ने प्रस्ताव दिया है कि शिंदे और बीजेपी ढाई साल के लिए मेयर पद साझा करें. हालांकि, बीजेपी ने अभी तक इस पर सहमति नहीं जताई है.

89 सीटें जीतने वाली बीजेपी मुंबई में अपना मेयर चाहती है. इस संबंध में बीजेपी में मंथन जारी है. अब लॉटरी का इंतजार है. शिंदे गुट के नेता भी मेयर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. शिंदे की पार्टी के नेता मांग कर रहे हैं कि मेयर का पद ढाई-ढाई साल के लिए साझा किया जाए. उधर, दोनों एनसीपी (शरद गुट और अजित गुट) जिला परिषद का चुनाव साथ लड़ेगी.

5 फरवरी को होंगे 12 जिला परिषद के चुनाव

12 जिला परिषद के चुनाव 5 फरवरी को होंगे. इसमें अजित पवार और शरद पवार की एनसीपी साथ मिलकर लड़ेगी. जिला पंचायत समिति के चुनाव ग्रामीण इलाकों में होंगे. 12 जिला परिषद और 125 पंचायत समिति के चुनाव होंगे. 5 फरवरी को चुनाव होंगे और 7 फरवरी को मतगणना होगी.

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