हरियाणा

स्वच्छ शहरों की रेस में शामिल होने की होड़, लेकिन धरातल पर अधूरे हैं प्रोजेक्ट्स: कैसे मिलेगी रैंकिंग?

भिवानी। देश के स्वच्छ शहरों की दौड़ में भिवानी को शामिल करने की होड़ चल रही है, लेकिन करोड़ों का बजट खर्च के बावजूद कहीं शहर स्वच्छता में पिछड़ न जाए। यह हम नहीं बल्कि स्वच्छता रैंकिंग पाने के लिए तय किए गए मानकों के हिसाब से अभी कार्य पूरे नहीं हैं। शहर में बिना सफाई टेंडर के जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर व शहर के मुख्य चौक-चौराहों के अधूरे पड़े सुंदरीकरण के काम शहर की स्वच्छता रैंकिंग को प्रभावित करेंगे। स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए शहर की सुंदरता के फोटो जियो टैगिंग के साथ निकाय विभाग के पोर्टल पर एक फरवरी तक अपलोड करने अनिवार्य है। 2024 में स्वच्छता सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर भिवानी को 258वां रैंक मिला था।

दरअसल, स्थानीय निकाय विभाग द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 के लिए टूलकिट जारी की जा चुकी है। जिसके तहत नगर परिषद द्वारा शहर में सफाई व्यवस्था के फोटो जियो टैगिंग के साथ एक फरवरी तक अपलोड करने के निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग द्वारा सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि यदि अपलोड किए गए डेटा में किसी तरह की गड़बड़ी मिलती है तो इसके लिए नगर परिषद स्वयं जिम्मेदार होगी। साथ ही, शहर की स्वच्छता रैंकिंग भी प्रभावित होगी। हालांकि, विभाग द्वारा समय-समय पर अपलोड किए गए स्वच्छता सर्वेक्षण डेटा का निरीक्षण करने के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।

ऐसे में शहर के हांसी गेट, रोहतक गेट, तोशाम बाईपास चौक व बापोड़ा चौक का सुंदरीकरण कार्य अधूरा पड़ा है। नगर परिषद ने चौकों के सुंदरीकरण के कार्य को पूरा करने का टेंडर आरंभ में अक्तूबर माह तक दिया था। लेकिन ग्रेप के चलते कार्य पूरा न होने के बाद इस कार्य की डेडलाइन को दिसंबर तक बढ़ा दिया था। लेकिन दिसंबर के बाद जनवरी माह बीत जाने के बाद भी चौकों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। जिससे शहर की स्वच्छता रैंकिंग गड़बड़ा सकती है।

शहर में सफाई का टेंडर नहीं हो रहा

नगर परिषद की हद में आने वाले 31 वार्डों की सफाई को लेकर नगर परिषद पिछले दो साल से मसौदा मुख्यालय भेज रही है, लेकिन इस पर आपत्ति पर आपत्ति लगा इसे वापस भेजा जा रहा है। इस वजह से सफाई का टेंडर भी नहीं हो पा रहा है। हालांकि नगर परिषद अपने सफाई कर्मचारियों के सहारे शहर में नियमित रूप से सफाई का काम करा रही है वहीं सर्कुलर रोड पर स्वीपिंग मशीन के जरिए सफाई हो रही है।

स्वच्छता रैंकिंग को ये कर सकते हैं प्रभावित

भिवानी को स्वच्छ शहरों में शुमार बनाने के लिए कई मानकों पर आकलन होगा। इसमें सबसे अधिक शहर के अंदर डोर टू डोर कूड़ा उठान, ठोस कचरा के निस्तारण, सूखा और गीला कचरा अलग-अलग किए जाने के अलावा स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए नगर परिषद द्वारा उठाए गए कदम भी शामिल हैं। इसके अलावा शहर में सीवर और पानी की व्यवस्था का भी आकलन होगा।

कूड़ा प्वाइंट बन चुके हैं सेल्फी प्वाइंट

शहर के अंदर करीब दस से अधिक कूड़ा प्वाइंटों को नगर परिषद सेल्फी प्वाइंटों में तब्दील कर चुका है। अब शहर के अंदर चुनिंदा जगहों पर ही डंपिंग प्वाइंट हैं, जहां लोग नियमित रूप से कूड़ा डाल रहे हैं। हालांकि शहर के अंदर डोर टू डोर कचरा उठान के लिए टिपर ऑटो लगे हैं। मगर इनके अंदर लोग अब भी सूखा और गीला कचरा एक ही साथ डाल रहे हैं। नगर परिषद की जागरूकता के बावजूद लोग सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करने की आदत नहीं डाल रहे हैं। इसका असर भी शहर की स्वच्छता रैंकिंग पर पड़ेगा।

ये है अब तक की स्वच्छता रैंकिंग

साल रैंकिंग
2020 166
2021 244
2022 241
2023 302
2024 258

नगर परिषद की ओर से भिवानी शहर को स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के सभी चौक चौराहों व मुख्य मार्गों के सुंदरीकरण का काम चल रहा है। शहर के अंदर कूड़ा प्वाइंट सेल्फी प्वाइंट में तब्दील हो चुके हैं। नगर परिषद सभी वार्डों में डोर टू डोर कचरा उठान करा रहा है। स्वच्छता रैंकिंग में पानी और सीवर के अलावा कई तरह के मानक शामिल किए गए हैं। इसलिए हमारा शहरवासियों से अनुरोध है कि वे अपने शहर को स्वच्छ शहरों में शुमार कराने के लिए पूरा सहयोग करें।

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