संभल हिंसा मामले में SP केके बिश्नोई का 6 घंटे तक 140 सवालों पर बयान

24 नवंबर 2024 को संभल में हुई हिंसा में चंदौसी कोर्ट में SP कृष्ण कुमार बिश्नोई से सवाल-जवाब किए गए. SP कृष्ण बिश्नोई प्रॉसीक्यूशन विटनेस थे. इस हिंसा के दौरान उनके पांव में छर्रे लगे थे और वह घायल हो गए थे. SP केके बिश्नोई से पूछा गया कि आखिर हिंसा कैसे हुई, किन लोगों ने गोलियां चलाईं, हिंसा पर नियंत्रण किस तरह किया गया, उस वक्त हालात क्या थे और किन लोगों ने हिंसा फैलाई और गोलियां चलाई?
संभल हिंसा से जुड़े एक मामले में संभल SP कृष्ण कुमार बिश्नोई के चंदौसी कोर्ट में छह घंटे तक बयान दर्ज किए गए. इस दौरान 5 अधिवक्ताओं ने उनसे 140 से अधिक क्रॉस सवाल पूछे. उक्त बयान सोमवार को जिला न्यायालय परिसर में एडीजे पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह की अदालत में दर्ज किए गए.
24 नवंबर 2024 को हुई थी हिंसा
कोर्ट के आदेश पर SP केके बिश्नोई ने 24 नवंबर 2024 को संभल के विवादित धार्मिक स्थल श्रीहरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा से संबंधित थाना नखासा में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 304/2024 में गवाही दी. SP केके बिश्नोई दोपहर 12 बजे न्यायालय पहुंचे थे.
जिला शासकीय अधिवक्ता आदित्य कुमार सिंह ने SP के बयान दर्ज कराए, जबकि अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता जकी अनवर, आफताब हुसैन, कमर हुसैन, जमाल पाशा और मसूद अली फारुखी ने उनसे सवाल किए. सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा अपराध संख्या 304/2024 में SP और उनके PRO सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की गई थी. इस घटना में SP के पैर में छर्रे लगे थे.
SP से 140 सवाल पूछे गए
SP कृष्ण कुमार बिश्नोई ने जानकारी दी कि अभियुक्तों के अधिवक्ताओं ने उनसे 140 से अधिक सवाल पूछे. उन्होंने न्यायालय के समक्ष 24 नवंबर 2024 को हुई घटना और अपने देखे गए तथ्यों के बारे में बयान दिए. 24 नवंबर 2024 को SP के PRO संजीव कुमार की तहरीर पर थाना नखासा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 191(3), 190, 109(1), 121(1), 132, 223 और आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1932 की धारा 7 के तहत 100-150 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी.
SIT कर रही हिंसा की जांच
इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने 40 से अधिक अभियुक्तों को नामजद किया है, जिनमें से 25 से अधिक को जेल भेजा जा चुका है. इन अभियुक्तों को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. आपको बता दें कि 19 नवंबर 2024 को संभल की शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिर होने का दावा सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट चंदौसी में पेश किया गया था. कोर्ट के आदेश पर उसी दिन शाम को पहले चरण का सर्वे हुआ और दूसरे चरण का सर्वे 24 नवंबर 2024 को किया गया.




