ड्रोन से नजर, सोशल मीडिया की भी निगरानी…अलविदा जुमे की नमाज पर संभल से लेकर लखनऊ तक कड़ी सुरक्षा

माह-ए-रमजान को अलविदा कहने का वक्त आ गया है. आज कड़ी सुरक्षा के बीच अलविदा की नमाज पढ़ी जाएगी. संभल से लखनऊ तक इसको लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से नजर रखी जाएगी. इसके अलावा सोशल मीडिया की भी निगरानी की जाएगी. अलविदा जुमे की नमाज पर संभल के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्रीश चंद्र ने गुरुवार को कहा कि पारंपरिक ढंग से नमाज अदा करने पर कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन दुर्घटनाएं रोकने के लिए छतों पर बड़ी संख्या में एकत्रित होने पर रोक लगाई गई है.
जुमा अलविदा की नमाज को लेकर तैयारियों पर संवाददाताओं से बात करते हुए एएसपी ने कहा कि लोग शांतिपूर्ण ढंग से नमाज अदा करें, यह सुनिश्चित करने के लिए सेक्टर और जोन के अंतर्गत पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.
सड़क और छतों पर नमाज अदा करने पर रोक
उन्होंने बताया कि बुधवार को शांति समिति की बैठक में कुछ लोगों द्वारा छतों पर नमाज पढ़ने का मामला उठाया गया था. एएसपी ने कहा कि उन लोगों ने पूछा था कि क्य़ा वे आसपास की छतों पर गैर परंपरागत रूप से नमाज अदा कर सकते हैं अथवा नहीं, जिस पर यह स्पष्ट किया गया कि छतों पर एकत्र न हों, क्योंकि इससे हादसा हो सकता है.
चंद्र ने बताया कि इसी तरह, सड़क पर नमाज पढ़ने से भी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए उन्हें वहां (सड़क पर) भी नमाज अदा करने को मना किया गया है. एएसपी ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परंपरागत तरीके से जिन मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की जाती रही है, वहां इसे सकुशल तौर पर संपन्न कराया जाए.
अलविदा जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन पूरी तरह
यूपी में अलविदा जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है. संभल में एहतियाती तौर पर 2500 लोग पाबंद किए गए हैं. संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया. मेरठ में भी ईदगाह जैसे खास स्थानों के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. रमजान के आखिरी जुमे को लेकर लखनऊ और प्रयागराज में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. कहीं भी किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हो, इसको लेकर खासा इंतजाम किया गया है.
काली पट्टी बांधकर मस्जिद आएं, विरोध जर्ज करें
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मुसलमानों से एक महत्वपूर्ण अपील की है जिसमें कहा गया है कि वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के खिलाफ जुमा-तुल-विदा के मौके पर अपने बाजू पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करें. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस बिल को एक गहरी साजिश बताया है. इसका उद्देश्य मुसलमानों को उनके धार्मिक संस्थाओं से बेदखल करना है.
बोर्ड ने कहा है कि देश के हर मुसलमान की यह जिम्मेदारी है कि वह इस बिल का पुरजोर विरोध दर्ज कराएं. जुमा-तुल-विदा के दिन अपने हाथ पर काली पट्टी बांधकर मस्जिद आएं और अपने दुख और आक्रोश का शांतिपूर्ण एवं मौन प्रदर्शन करें.