सुरक्षित इंटरनेट उपयोग से ही बनेगा सुरक्षित डिजिटल समाज: सीजेएम पवन कुमार
भिवानी,(ब्यूरो): जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन व जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया के निर्देशानुसार मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम)-कम-सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण भिवानी पवन कुमार की अध्यक्षता में सेफर इंटरनेट दिवस के अवसर पर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य डिजीटल युग में इंटरनेट के सुरक्षित, जिम्मेदार एवं कानूनसम्मत उपयोग के प्रति छात्राओं एवं आम नागरिकों को जागरूक करना रहा। स्कूली बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम साथ ही बच्चों द्वारा साइबर पर लघु नाटिका भी पेश किए।
कार्यक्रम में साइबर सेल से विष्णु ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लेते हुए सेफर इंटरनेट के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंटरनेट आज शिक्षा, सूचना, बैंकिंग, संचार और मनोरंजन का सशक्त माध्यम बन चुका है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। ऐसे में जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीजेएम पवन कुमार ने कहा कि डिजीटल युग में इंटरनेट हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। जहां एक ओर इंटरनेट ने कार्यों को सरल, तेज और सुविधाजनक बनाया है, वहीं दूसरी ओर इसके दुरुपयोग से साइबर ठगी, फर्जी वेबसाइट, ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी, सोशल मीडिया का दुरुपयोग और डेटा चोरी जैसी घटनाएं बढ़ी हैं।
उन्होंने बताया कि सेफर इंटरनेट दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज को यह संदेश देना है कि इंटरनेट का उपयोग सोच- समझकर, सुरक्षित तरीके से और कानून के दायरे में रहकर किया जाए। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई, ताकि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझ सकें। नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे मे विस्तार से बताया। साथ ही बताया गया कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या साईबरक्राईम.जीओवी.इन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित छात्राओं, शिक्षकों एवं नागरिकों को सुरक्षित, जिम्मेदार और नैतिक इंटरनेट उपयोग की शपथ दिलाई गई।




