भिवानी। तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की हड़ताल के चलते सोमवार को तहसील कार्यालयों का कामकाज ठप रहा। जमीन की रजिस्ट्री, प्रमाण पत्र और पोर्टल से जुड़ी सभी 432 ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हुई, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तहसीलदार की हड़ताल शुक्रवार से जारी है। जिससे जिले में करीब 2 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। वहीं, सोमवार को रजिस्ट्री के लिए दो लोगों ने टोकन कटवाए थे। लेकिन हड़ताल के कारण उनकी रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
दरअसल, भ्रष्टाचार के आरोपों में एक नायब तहसीलदार और दो तहसीलदारों पर की गई कार्रवाई के विरोध में प्रदेश भर के तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों द्वारा हड़ताल की जा रही है। तहसीलदारों का कहना है कि बिना पूरी जांच के कार्रवाई कर उनकी छवि खराब की जा रही है। वहीं इससे पहले पिछले सोमवार से वीरवार तक पटवारी और कानूनगो की हड़ताल से भी राजस्व कार्य बाधित रहे। जिसके बाद शुक्रवार से तहसीलदारों की हड़ताल के चलते पूरे एक सप्ताह से राजस्व विभाग संबंधित लोगों के कार्य बंद पड़े हैं। सोमवार को तहसील कार्यालयों में अपनी जमीन से संबंधित कार्यों के लिए पहुंचे लोगों कर्मचारियों की कुर्सियां खाली मिलीं। इस कारण लोगों को बिना काम करवाए लौटना पड़ा। जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रमाण पत्रों की वेरिफिकेशन के कार्य बंद हो गए
तहसीलदार व नायब तहसीलदारों की हड़ताल के कारण जिले में जमीन की रजिस्ट्री समेत पोर्टल पर जारी राजस्व विभाग से संबंधित सभी 432 प्रकार की सेवाएं प्रभावित हैं। ये सेवाएं प्रभावित रहने से रिहायशी, जाति व अन्य प्रमाण पत्रों की वेरिफिकेशन के कार्य बंद हो गए। जमीन बंटवारे के ऑर्डर भी नहीं हो पाए। इसी तरह से तहसीलदार व नायब तहसीलदार से संबंधित तहसील कार्यालय के अन्य सभी कार्य बंद हैं। सरकार को प्रतिदिन तहसीलों से जो राजस्व प्राप्त होता था, वह भी बंद हो गया है। चार दिनों से जिलेभर में जमीन की लगभग 450 रजिस्ट्रियां नहीं हो पाईं। जिले में दो हजार से ज्यादा विभिन्न प्रमाण पत्रों की फाइल अटक गई।
रजिस्ट्री के लिए दो लोगों ने कटवाए टोकन, नहीं हुई रजिस्ट्री
सोमवार को सप्ताह के पहले दिन रजिस्ट्री के लिए दो लोगों ने टोकन कटवाए। लेकिन तहसीलदारों की हड़ताल के कारण रजिस्ट्री न होने से उन्हें बिना रजिस्ट्री करवाए ही लौटना पड़ा। जबकि सामान्य दिनों में जिले में 200 के लगभग लोगों द्वारा रजिस्ट्री के लिए टोकन कटवाए जाते थे। ऐसे में हड़ताल के कारण लोगों को तहसील कार्यालय के काम के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिना जांच के तहसीलदारों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर दोषी ठहराना गलत है। जिससे उनकी छवि खराब होती है। इसलिए हमारी यह मांग है कि तहसीलदार व नायब तहसीलदारों पर की गई कार्रवाई को वापस लिया जाए। सरकार उनकी मांगों को जल्द माने। ताकि लोगों को राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों के लिए परेशानी न हो। हड़ताल के कारण सोमवार को भी तहसील कार्यालयों में आमजन के काम नहीं हो सके।