जलभराव से राहत: बवानीखेड़ा और तोशाम में 21 नई परियोजनाओं को हरी झंडी

भिवानी। बवानीखेड़ा और तोशाम क्षेत्र के लगभग 25 से अधिक गांवों को अब 36 करोड़ 88 लाख रुपये के बजट से बरसाती जलभराव और जोहड़ ओवरफ्लो से घरों में पानी घुसने की समस्या से स्थायी मुक्ति मिलेगी। इसके लिए सिंचाई विभाग की 21 परियोजनाओं को सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। इन योजनाओं पर निर्धारित बजट खर्च कर ड्रेनों के किनारों की पिचिंग, तटबंध सुदृढ़ीकरण और बरसाती पानी की निकासी को मजबूत किया जाएगा ताकि तेज बहाव के दौरान पानी किनारे न तोड़ सके। साथ ही जल निकासी कार्य के लिए विद्युत यांत्रिक उपकरण भी खरीदे जाएंगे।
हांसी–भिवानी राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे नाला निर्माण और आरसीसी पाइपलाइन प्रणाली के माध्यम से जल निकासी की जाएगी जिससे गांव जाटू लुहारी क्षेत्र की आबादी को बरसाती पानी से राहत मिलेगी। इस कार्य पर 3 करोड़ 80 लाख रुपये का बजट खर्च आएगा। गांव अलखपुरा में निचले इलाकों के खेतों से बाढ़ के पानी की निकासी के उद्देश्य से झेरा तालाब से आरडी 36500 सुंदर डिस्ट्रीब्यूटरी तक 1 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से आरसीसी पाइपलाइन डाली जाएगी। गांव घुसकानी के खेतों में बाढ़ के पानी की निकासी और निगाना फीडर के आरडी 8350-एल पर भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी जिस पर 1 करोड़ 43 लाख रुपये खर्च होंगे।
गांव जताई के निचले मैदानी क्षेत्र से मिताथल फीडर तक 50 लाख रुपये से पीवीसी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। गांव सिवाड़ा के कृषि क्षेत्रों से जल निकासी के लिए 60 लाख रुपये से आरसीसी पाइपलाइन डाली जाएगी। भिवानी–घग्गर ड्रेन के आरडी 48200 से 53200 तक 2 करोड़ 60 लाख रुपये से पत्थर की पिचिंग और तटबंध सुदृढ़ीकरण का कार्य होगा। इसी प्रकार भिवानी–घग्गर ड्रेन के आरडी 48100 पर निगाना फीडर की दाहिनी ओर अतिरिक्त जल निकासी के लिए एक पंप हाउस बनाया जाएगा।
भिवानी लिफ्ट वाटर सर्विसेज मैकेनिकल डिवीजन में आरडी 47900 बीजी ड्रेन के निचले हिस्से में बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए विद्युत यांत्रिक उपकरणों की खरीद कराई जाएगी जिस पर पांच करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। मुंढाल खुर्द और मुंढाल कलां के आबादी क्षेत्रों में बरसाती पानी से सुरक्षा के लिए आरडी 47844 से आरडी 38824 तक मुंढाल–तालु लिंक ड्रेन का सुदृढ़ीकरण 70 लाख रुपये में किया जाएगा। तालू माइनर के साथ ड्रेन के डिजाइन और तटबंध सुदृढ़ीकरण पर 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
सिवाड़ा–तालु लिंक ड्रेन के तटबंध को सुदृढ़ करने के लिए मंढाणा, सिवाड़ा और धनाना गांवों के आबादी क्षेत्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 81 लाख रुपये का बजट खर्च होगा। सैमान–धनाना लिंक ड्रेन सुदृढ़ीकरण पर 1 करोड़ 90 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। दिल्ली–सिरसा राष्ट्रीय राजमार्ग-9 के पास स्थित मुंढाल खुर्द के खेतों से पुट्ठी–मुंढाल लिंक ड्रेन में 42 लाख रुपये से आरसीसी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। सुंदर डिस्ट्रीब्यूटरी नहर (आरडी 10990) और एमटीएल ड्रेन (आरडी 23216) के संगम पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए वीटी पंप लगाए जाएंगे।
सुंदर डिस्ट्रीब्यूटरी (आरडी 10990) पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए लिफ्ट वाटर सर्विसेज मैकेनिकल डिवीजन, भिवानी द्वारा विद्युत यांत्रिक उपकरणों की खरीद की जाएगी जिस पर 2.32 करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। इसी प्रकार बीजी ड्रेन आउटफॉल पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए विभिन्न इलेक्ट्रोमैकेनिकल उपकरणों की 1 करोड़ 14 लाख रुपये के बजट से खरीद की जाएगी। गांव दांग खुर्द के मुख्य तालाब और खेतों से बाढ़ के पानी की निकासी तथा निगाना फीडर के आरडी 65000-आर पर भूमिगत आरसीसी पाइपलाइन 1 करोड़ 72 लाख रुपये के बजट से डाली जाएगी।
ढाणी रिवासा के खेतों से बाढ़ के पानी की निकासी के लिए ढाणी रिवासा में बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए विभिन्न विद्युत यांत्रिक उपकरण 75 लाख रुपये से खरीदे जाएंगे। गांव भाखड़ा की पंचायती कृषि भूमि पर 1 करोड़ 90 लाख रुपये के बजट से जलाशय का निर्माण कराया जाएगा। भिवानी–घग्गर ड्रेन के किनारों पर पत्थर बिछाने और तटबंधों को मजबूत करने के लिए 2 करोड़ 80 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी तरह भिवानी–घग्गर ड्रेन को भूस्खलन और अति प्रवाह से बचाव के लिए पत्थर बिछाने और तटबंध सुदृढ़ीकरण पर 2 करोड़ 45 लाख रुपये का बजट भी खर्च होगा।
ड्रेनों को पत्थर की पिचिंग और तटबंध सुदृढ़ीकरण से मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम कराया जाएगा। इसी के साथ खेतों व ग्रामीण आबादी क्षेत्र से बरसाती पानी की निकासी सीधे ड्रेन व नहरों में करने के लिए भी आरसीसी पाइप लाइन डाली जाएगी। नए पंप हाउस बनेंगे और विद्युत यांत्रिक उपकरणों को भी जुटाया जाएगा।




