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जगदलपुर में अमित शाह का दावा: माओवादियों से बातचीत तभी संभव जब वे पहले सरेंडर करें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज शनिवार को माओवादियों से किसी भी तरह से बातचीत की संभावना से इंकार करते हुए कहा कि पहले वे आत्मसमर्पण करें और फिर बस्तर के विकास में सहभागी बनें. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले 10 सालों में छत्तीसगढ़ में विकास से जुड़े कामों के लिए 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक दिए हैं. साथ ही आदिवासियों के सम्मान में अलग-अलग कई योजनाएं भी शुरू की गई हैं.

जगदलपुर के लालबाग परेड मैदान में आयोजित बस्तर दशहरा लोकोत्सव, 2025 और स्वदेशी मेला के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने एक बार फिर अगले साल 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद के पूरी तरह से खात्मे के संकल्प को दोहराया.

शांति भंग करने वालों को देंगे मुंहतोड़ जवाबः अमित शाह

नक्सलियों पर सख्त रूख दिखाते हुए गृह मंत्री ने कहा कि हथियारों के बल पर बस्तर की शांति भंग करने वालों को सुरक्षा बल मुंहतोड़ जवाब देंगे. उन्होंने कहा, “मैं सभी आदिवासी भाइयों- बहनों को यह कहना चाहता हूं कि आपके गांव के युवाओं को हथियार डालने के लिए समझाइए. वे हथियार डाल दें और मुख्यधारा में लौट आएं. साथ ही बस्तर के विकास में सहभागी बनें.”

उन्होंने कहा, “कुछ लोग बातचीत की बात करते हैं, मैं फिर से यह साफ कर देता हूं कि हमारी दोनों सरकारें (छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार) बस्तर और नक्सल प्रभावित हर क्षेत्र के विकास को समर्पित है, अब किस चीज को लेकर बात करनी है, हमने बहुत ही मोहक आत्मसमर्पण नीति तैयार की है, आइए आप हथियार डाल दीजिए. हथियार के बल पर अगर किसी ने बस्तर की शांति को छिन्न-भिन्न करने का काम किया तो हमारे सशस्त्र बल इसका जोरदार जवाब देंगे. 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को इस देश की भूमि पर से विदाई देने के लिए तय है.”

नक्सलवाद को विकास का रोड़ा बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “दिल्ली में कुछ लोगों ने कई सालों तक यह भ्रांति फैलाई कि नक्सलवाद का जन्म विकास की लड़ाई है, लेकिन मैं आदिवासी भाइयों को यह बताने आया हूं कि पूरा बस्तर विकास से महरूम रहा, आप लोगों तक विकास पहुंचा ही नहीं, क्योंकि इसकी बड़ी वजह नक्सलवाद रह. आज देश के हर गांव में बिजली, पीने का पानी, रोड, हर घर में शौचालय, पांच लाख तक का स्वास्थ्य का बीमा, पांच किलो मुफ्त चावल और आपके धान को 3100 रुपये (प्रति क्विंटल) तक पहुंचाने की व्यवस्था हुई है. लेकिन इन सब चीजों में बस्तर कहीं पीछे रह गया है.”

नक्सल मुक्त गांव को मिलेंगे 1 करोड़ रुपयेः शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “मैं आज (पीएम नरेंद्र) मोदी की ओर से आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि अगले साल 31 मार्च के बाद नक्सलवादी आपके विकास को नहीं रोक पाएंगे. आपके अधिकार को नहीं रोक पाएंगे. इसको लेकर काफी कुछ काम हुआ है और काफी कुछ काम होना बाकी है.”

बस्तर के लोगों से नक्सलवाद से दूर रहने का अनुरोध करते हुए अमित शाह ने कहा, “मैं आप सभी से यह अपील करने आया हूं कि जो बच्चे गुमराह होकर नक्सलवाद से जुड़े हैं, आप ही के गांव के ही लोग हैं, आप लोग उन्हें समझाइए कि शस्त्र डाल दें और मुख्य धारा में आ जाएं. छत्तीसगढ़ सरकार ने देश में सबसे अच्छी आत्मसमर्पण नीति बनाई है. एक ही महीने में 500 से ज्यादा लोगों ने हथियार डाल दिए हैं. सभी लोग हथियार डालें. यहां के गांव नक्सली मुक्त होते ही इसके विकास के लिए एक करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ शासन आपको देगा. नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होगा.”

शाह ने की जगदलपुर में मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना

साथ ही अमित शाह ने कहा, “आज सुबह मैंने दंतेश्वरी माई का दर्शन और पूजन किया. मां के चरणों में प्रार्थना की है कि 31 मार्च, 2026 को पूरे बस्तर क्षेत्र को लाल आतंक से मुक्त करने की हमारी सुरक्षा बलों को शक्ति दे.

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने इससे पहले जगदलपुर में मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की और विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा उत्सव के तहत आयोजित होने वाले पारंपरिक आयोजन मुरिया दरबार में हिस्सा लिया. मुरिया दरबार में शाह ने पुजारियों और आदिवासी समुदाय के नेताओं से बातचीत की.

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