फोन स्विच ऑफ, हाईवे पर कार लावारिस— जमशेदपुर बिजनेसमैन के बेटे की तलाश तेज

झारखंड के जमशेदपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. आदित्यपुर स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (ASIA) के उपाध्यक्ष और जाने-माने उद्योगपति देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी मंगलवार दोपहर रहस्यमय हालात में लापता हो गए. घर से निकलने के बाद जब वह वापस नहीं लौटे और उनका मोबाइल फोन अचानक स्विच ऑफ हो गया, तो परिजन की चिंता बढ़ गई. पुलिस की कई टीमें कैरव गांधी की तलाश में जुटी हैं.
कैरव गांधी के लापता होने की खबर मिलते ही न सिर्फ परिवार, बल्कि प्रशासनिक महकमे में भी अफरा-तफरी मच गई. जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां, दोनों जिलों की पुलिस को अलर्ट मोड में है. परिजनों के अनुसार, कैरव गांधी ने मुंबई से एमबीए की पढ़ाई पूरी की थी. पढ़ाई के बाद वे जमशेदपुर लौट आए थे और अपने पिता के साथ कारोबार में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे थे. मूल रूप से गुजरात निवासी देवांग गांधी की आदित्यपुर में एम्पायर ऑटो प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी है, जो ऑटो पार्ट्स के क्षेत्र में जानी-पहचानी इकाई मानी जाती है.
कार लेकर घर से निकले थे
बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर कैरव अपनी हुंडई क्रेटा कार लेकर घर से निकले थे. इसके बाद जब काफी देर तक वे वापस नहीं आए, तो परिवार ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की. लेकिन उस समय उनका मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहा था. परिजन की चिंता उस वक्त और बढ़ गई, जब खोजबीन के दौरान उनकी कार एनएच-33 पर सड़क किनारे लावारिस हालत में खड़ी मिली. हालांकि, कार में किसी तरह के संघर्ष या दुर्घटना के स्पष्ट निशान नहीं पाए गए.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कैरव गांधी का अंतिम मोबाइल लोकेशन सोनारी थाना क्षेत्र के आदर्श नगर इलाके में मिला था. इसके बाद उनका फोन बंद हो गया, जिससे मामला और भी रहस्यमय हो गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिरी बार कैरव किससे मिले थे और किन परिस्थितियों में उनका फोन बंद हुआ.
पुलिस की टीमें तलाश में जुटीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन किया है. शहर और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. साथ ही कैरव गांधी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी निकाली जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि लापता होने से पहले वे किन लोगों के संपर्क में थे.
फिलहाल पुलिस हर संभावित एंगल से जांच कर रही है—चाहे वह व्यक्तिगत कारण हों, व्यावसायिक रंजिश या किसी साजिश की आशंका. देवांग गांधी और उनका परिवार गहरे सदमे में है और बेटे की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए है. पुलिस का कहना है कि जांच तेजी से की जा रही है और जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठाया जाएगा.




