पटना में अब पानी के जहाजों की होगी मरम्मत! 300 करोड़ से बनेगा हाई-टेक शिप सेंटर, युवाओं के लिए खुलेंगे नौकरी के द्वार

बिहार के लोगों के लिए खुशखबरी में राजधानी में पटना में शिप रिपेयर सेंटर बनाया जाएगा, जहां पर पानी के जहाह की मरम्मत होगी. कल पेश हुए केंद्रीय बजट में इसकी घोषणा की गई. पटना में गंगा नदीं किनारे दीघा में शिप रिपेयर सेंटर का निर्माणा किया जाएगा. 5 एकड़ जमीन पर 300 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया जाएगा. राज्य सरकार ने सेंटर के निर्माण के लिए कुर्जी में गंग नदी के किराने पहले ही 5 एकड़ जमीन भी आवंटित कर दी थी.
यह सेंटर गंगा नदी के किनारे इको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट और क्षेत्रीय व्यापार में बढ़ाया देगा. इसका ऐलान पीएम मोदी ने सितंबर 2025 में किया था, जिसे इस बार के केंद्रीय बजट में शामिल किया गया है और निर्माण के लिए बजट भी आवंटित कर दिया गया है.
कौन करेगा शिप रिपेयर सेंटर का निर्माण?
शिप रिपेयर सेंटर (ड्राई डॉक) का निर्माण इनलैंड वॉटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IWAI) डेवलप की ओर से किया जाएगा. IWAI के अनुसार यह सेंटर नेशनल वॉटरवे-1 पर चलने वाले इनलैंड जहाज़ों के रखरखाव और टर्नअराउंड एफिशिएंसी में सुधार करेगा, जिससे पूरे क्षेत्र में नदी परिवहन की विश्वसनीयता बढ़ेगी.
क्या-क्या होगा फायदा?
मौजूदा समय में पानी के जहाजों की मरम्मत कोलकाता और वाराणसी में होती है. पटना में यह सविधा शुरू हो जाने से बिहार और आसपास के अन्य प्रदेश के जहाज भी यहां मरम्मत के लिए आएंगे. सेंटर में एक साथ चार जहारों की मरम्मत हो सकेंगी. इसके लिए सेंटर में लिफ्ट लगाए जाएंगे, जिससे नदी से जहाज को उठाकर आसानी से रिपेयर किया जा सकेंगे.
वहीं सेंटर खुलने से साथ ही लोगों को रोजगार भी मिलेगा. राज्य में शिप रिपेयर सेंटर नहीं होने से राज्य सरकार के साथ निजी लोग की जहाज संचालन में नहीं आते हैं. सेंटर खुल जाने के बाद राज्य सरकार के साथ ही बड़ी संख्या में निजी जहाजों के भी चलने की संभावना बढ़ जाएगी, जिससे पर्यटन के साथ-साथ माल ढुलाई भी बढ़ेगी और लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे.




