दिल्लीराजनीतिराष्ट्रीय

अब नीलम के कारण सुर्खियों में आया जींद का गांव घसो खुर्द, संसद भवन के बाहर कलर स्मॉग फैलाकर सुर्खियों में ला दिया गांव

मूलरूप से जींद के गांव घसो खुर्द की रहने वाली नीलम फिलहाल हिसार में एक पीजी में रह कर हरियाणा सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी कर रही थी।

न्यूज़ डेस्क हरियाणा । जीन्द । कार्यालय संवाददाता । हरियाणा के जींद जिले   Jind Haryana  के गांव घसो खुर्द का नाम 2005 में माओवादियों के संपर्क के साथ जोड़ा गया था। उस समय भी यह गांव पूरे देश में सुर्खियों में आ गया था। अब इस गांव की नीलम Neelam ने बुधवार को संसद भवन Parliament House के बाहर कलर स्मॉग फैलाकर गांव को सुर्खियों में ला दिया।

ऐसा पहली बार नहीं हैं जब नीलम को पुलिस ने पकड़ा हो। इससे पहले मई में दिल्ली में महिला पहलवानों के आंदोलन के दौरान हिरासत में लिया गया था। नीलम ने किसानों के आंदोलन Kisan Andolan में सक्रिय रूप से भाग लिया था और हरियाणा में कई विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा रही थी। वह संसद भवन के बाहर धुएं की लपटें फेंकने के लिए जिम्मेदार दो व्यक्तियों में से एक थी।

मूलरूप से जींद के गांव घसो खुर्द की रहने वाली नीलम फिलहाल हिसार में एक पीजी में रह कर हरियाणा सिविल सर्विस Haryana Civil Services परीक्षा की तैयारी कर रही थी। आसपास के लोगों को ये तो पता था कि नीलम की राजनीति में गहरी रुचि है, लेकिन ये सुन कर वे स्तब्ध हैं कि उसने संसद के बाहर पहुंच कर प्रदर्शन किया है। हरियाणा की विभिन्न एजेंसियां भी नीलम से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी हैं।

नीलम को दिल्ली में पुलिस Delhi Police ने तब गिरफ्तार किया जब वह सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर संसद Parliament House के बाहर पहुंच गईं और प्रदर्शन करने लगी। नीलम के प्रदर्शन की सूचना के बाद ग्रामीण हैरान हैं। नीलम के बारे में प्रारंभिक जानकारी यही है कि उसके पिता कोहर सिंह उचाना मंडी में हलवाई का काम करते हैं। नीलम पीजी से 25 नवंबर को घर जाने की बात कह कर गईं थी। ग्रामीण बताते हैं कि वह हाल फिलहाल गांव में नहीं आई। इसके बाद उन्हें संसद भवन Parliament House के बाहर प्रदर्शन करते हुए देखा गया।
जानकारी मिली है कि नीलम जींद जिले के उचाना खंड के अपने गांव घसो खुर्द में लाइब्रेरी चला रही थी और बच्चों को पढ़ाती थी, लेकिन गांव के कुछ लोगों ने इस पर ऐतराज जताया। इसके बाद नीलम ने बच्चों को पढ़ाना बंद कर दिया। नीलम किसान आंदोलन से लेकर दूसरे धरने और प्रदर्शन में भी काफी एक्टिव रहीं। वह पोस्ट ग्रैजुएट Post Graduate  हैं। पिछले दिनों उसने HTET का एग्जाम भी दिया था। घसो गांव में नीलम का पूरा परिवार है। नीलम के परिवार में तीन बहनें, दो भाई, माता-पिता हैं।

Related Articles

Back to top button