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अब सस्ती मिलेगी शत्रु संपत्ति! स्टांप ड्यूटी माफ और ITI में ‘पीएम सेतु’ योजना शुरू, जानें कैबिनेट के बड़े फैसले

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. युवाओं के रोजगार, ठेकेदारों के बकाया बिल, सरकारी जमीन के पट्टे की अवधि जैसे विभिन्न मुद्दों पर बैठक में गहन चर्चा हुई और इस क्षेत्र से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इन निर्णयों के कारण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर अब बढ़ेंगे. बैठक में ITI में पीएम सेतु योजना शुरू करने का निर्णय किया गया.

साथ ही, महाराष्ट्र सरकार ने इस बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. सरकार ने शत्रु संपत्ति की खरीद-बिक्री पर स्टांप शुल्क माफ करने का फैसला किया है.

मंत्रिमंडल की बैठक में क्या निर्णय लिए गए?

बैठक में यह निर्णय किया गया कि ‘पीएम सेतु’ योजना औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में लागू की जाएगी. इससे इच्छुक युवाओं को राहत मिलेगी. पहले चरण में इसे नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर और पुणे जिलों के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में लागू किया जाएगा.

लंबित भुगतानों के लिए ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म

ठेकेदारों के लंबित भुगतानों के निपटान के लिए टी-रीडीएस प्लेटफॉर्म शुरू करने का निर्णय लिया गया है. यह सुविधा लोक निर्माण विभाग से जुड़े सूक्ष्म, लघु और मध्यम ठेकेदार-उद्यमियों के लिए होगी.

राज्य सरकार ने धुले में जवाहर शेतकरी सहकारी कताई मिल को पुनर्जीवित करने का भी निर्णय लिया है. इस संबंध में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नई दिल्ली को एक सिफारिश भेजी जाएगी.

शत्रु देश की संपत्ति खरीद-बिक्री पर स्टांप शुल्क माफ

आज की मंत्रिमंडल बैठक में विभिन्न प्रयोजनों के लिए दी गई सरकारी भूमि के पट्टे की अवधि बढ़ाने का निर्णय भी लिया गया. विशेष रूप से, महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता, 1966 और महाराष्ट्र भूमि राजस्व (सरकारी भूमि का निपटान) नियम, 1971 के प्रावधानों के तहत 30 वर्षों के लिए पट्टे पर दी गई सरकारी भूमि की अवधि बढ़ाई जाएगी.

बैठक में केंद्र सरकार या राज्य सरकार के कब्जे में मौजूद शत्रु संपत्ति की बिक्री और खरीद पर स्टांप शुल्क माफ करने का भी निर्णय लिया गया है.

मंत्रिमंडल की बैठक से नदारद रहे शिंदे

इस बीच, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कैबिनेट मीटिंग में शामिल नहीं हुए क्योंकि वह अभी सतारा जिले में अपने घर पर हैं. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कैबिनेट मीटिंग के बाद साफ किया कि वह वहां किसी काम से गए थे. उन्होंने महायुति में किसी भी तरह के मतभेद से इनकार किया.

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