राष्ट्रीय

BLO की पत्नी को नोटिस, बंगाल में महिला का गुस्सा और विवाद

पश्चिम बंगाल राज्य के हुगली जिले के तारकेश्वर में एसआईआर को लेकर एक गुरुवार को अजीब मामला सामने आया है. एक बीएलओ ने अपनी पत्नी को ही SIR का नोटिस भेज दिया. नोटिस मिलने के बाद महिला ने चुनाव आयोग के प्रति नाराजगी जाहिर की है. महिला का कहना है कि चुनाव आयोग की लापरवाही के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

बीएलओ नहीं चुनाव आयोग की है लापरवाही

सुष्मिता देवी का स्पष्ट कहना है कि यहां मतदान अधिकारियों (बीएलओ) की ओर से कोई लापरवाही नहीं है. चुनाव आयोग की लापरवाही के कारण आम जनता को परेशानी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है. सूत्रों के अनुसार सुष्मिता मजूमदार के पिता सुब्रता चटर्जी सेना में कार्यरत थे.

उनका नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं था, लेकिन सुष्मिता देवी के दादा भूपेंद्र चटर्जी का नाम 2002 की मतदाता सूची में था. सुष्मिता देवी ने अपने दादा का नाम एसआईआर में दर्ज करवाया, लेकिन उन्हें एक नोटिस भेजा गया, जिसमें उनके दादा से 40 साल का उम्र अंतर दिखाया गया था.

परिजन उठा रहे ये सवाल

इस बीच, दादा भूपेंद्र चटर्जी की उम्र 2002 की सूची में 81 वर्ष बताई गई है. अगर वे आज जीवित होते, तो उनकी उम्र लगभग 105 वर्ष होती. उनका निधन 2010 में हो गया था. वर्तमान में सुष्मिता देवी 37 वर्ष की हैं. इस हिसाब से उम्र का अंतर 65 वर्ष होना चाहिए फिर नोटिस क्यों जारी किया गया? सुष्मिता देवी के परिवार वाले यही सवाल उठा रहे हैं. बीएलओ राजशेखर मजूमदार भी इसे लेकर नाराज हैं. उनका कहना है कि यह गलती तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई है, जिसकी वजह से आम जनता को परेशानी हो रही है.

Related Articles

Back to top button