नीतीश सरकार ने पेश किया 3.47 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट, बिहार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा ‘पिटारा’

नीतीश कुमार की सरकार ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में 3.47 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया. इस बार के बजट को ‘ज्ञान, विज्ञान और अरमान’ पर केंद्रित बताया गया है. इसमें ‘ईमान’ और ‘सम्मान’ को भी जोड़ा गया है. इस बार का बजट पिछले साल (3.17 लाख करोड़) के मुकाबले काफी बड़ा है. सरकार को उम्मीद है कि 2026-27 में वह अपने टैक्स के जरिए करीब 65,800 करोड़ रुपये जुटा लेगी.
गरीबों और समाज के पिछड़ों के लिए चल रही योजनाओं (सोशल वेलफेयर) पर 7,724 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट ‘न्याय के साथ विकास’ के नारे को पूरा करने और बिहार को विकसित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. आसान शब्दों में कहें तो, सरकार ने शिक्षा, तकनीक और आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर इस बार अपना खजाना खोला है.
ज्ञान, विज्ञान और अरमान का बजट
वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने बजट पेश करते हुए यह बजट ईमान, ज्ञान, विज्ञान, अरमान और सम्मान पर विशेष ध्यान देते हुए तैयार किया गया है. वित्त मंत्री ने महज 11 मिनट में अपना बजट भाषण समाप्त कर लिया. विजेंद्र यादव ने बहुचर्चित मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का भी जिक्र किया, जिसे पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों से पहले लागू किया गया था.
उन्होंने कहा कि 1.56 करोड़ महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये की राशि ट्रांसफर की गई, जिन्होंने इस राशि का इस्तेमाल शुरू करने में किया होगा, उन्हें जल्द ही अतिरिक्त दो लाख रुपये दिए जाएंगे. बजट में राज्य की वित्तीय स्थिति को भी सुदृढ़ बताया गया है. इसमें कहा गया है कि 2024-25 में राजस्व घाटा जीएसडीपी का मात्र 0.04 प्रतिशत रहा, हालांकि राजकोषीय घाटा 4.16 प्रतिशत रहा, जो निर्धारित 3.0 प्रतिशत की सीमा से अधिक है.




