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भिवानी-हांसी फोरलेन पर लापरवाही उजागर, सर्विस लेन धंसने से वाहन चालकों पर खतरा

भिवानी। भिवानी-हांसी फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग 148बी का निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही धंसने लगा है। यह समस्या खासकर गांव प्रेमनगर के पास सर्विस लेन में देखने को मिली है। धुंध के मौसम में धंसे हुए हिस्से के कारण हादसे का खतरा बना हुआ है। एनएचएआई ने इस हिस्से को कंक्रीट डालकर ठीक करने के बजाय बालू रेत डालकर खानापूर्ति की है जिससे गड्ढा फिर से गहरा हो गया है।

राष्ट्रीय राजमार्ग 148बी पर भिवानी से हांसी तक फोरलेन निर्माण दिसंबर 2023 में शुरू हुआ था। 802 करोड़ रुपये की इस परियोजना में 43 किलोमीटर के दायरे में दो मुख्य ओवरब्रिज, सात पुल और दस से अधिक अंडरपास तैयार किए गए हैं। फोरलेन करीब 14 मीटर चौड़ी है और इसके बीच डिवाइडर बनाया गया है। गांव जाटूलुहारी, बवानीखेड़ा और सिंकदरपुर में बाईपास बन चुके हैं। परियोजना का करीब 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है। केवल बवानीखेड़ा के पास हाईटेंशन लाइन शिफ्ट करना शेष है। फिलहाल भिवानी से बवानीखेड़ा और हांसी तक फोरलेन निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। राष्ट्रीय राजमार्ग 148बी अथॉरिटी के अधिकारी दावा करते हैं कि जनवरी तक शेष कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा।

गांव प्रेमनगर में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के पास स्थानीय वाहन चालकों के लिए बनाई गई सर्विस लेन धंस गई है। इस हिस्से पर कोई संकेतक नहीं लगाया गया है। प्रतिदिन लगभग पांच हजार वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। धुंध में सड़क का धंसा हुआ हिस्सा दिखाई नहीं देता जिससे किसी भी समय हादसा हो सकता है।

विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों सहित 20 गांवों के लोगों का होता है सर्विस लेन से आवागमन

भिवानी-हांसी फोरलेन पर जाटूलुहारी से तिगड़ाना मोड़ तक कोई कट नहीं दिया गया है। बवानीखेड़ा और हांसी की तरफ से आने वाले लगभग 20 गांवों के वाहन और रोडवेज, प्राइवेट बसें जाटूलुहारी से भिवानी के लिए सर्विस लेन पर ही आती हैं। इसके अलावा चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भी इसी धंसे हुए मार्ग से गुजरते हैं।

मैं चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय में पढ़ता हूँ। विश्वविद्यालय जाने के लिए मुझे इसी धंसे हुए सर्विस लेन से गुजरना पड़ता है। धुंध में गड्ढा दिखाई नहीं देता और हादसे का खतरा रहता है। एनएचएआई प्रशासन को इसे जल्द ठीक करना चाहिए। सड़क का धंसा हुआ हिस्सा ठीक होने तक संकेतक भी लगाए जाने चाहिए। करण बूरा, छात्र गांव प्रेमनगर।

करीब 802 करोड़ रुपये की लागत से बन रही भिवानी-हांसी फोरलेन का दोहरीकरण कार्य पूरा होने से पहले ही यह मार्ग धंस गया है। एनएचएआई केवल बालू रेत डालकर समस्या की खानापूर्ति कर रहा है जो गलत है। धुंध में बड़े हादसे से बचने के लिए इसे तुरंत ठीक किया जाना चाहिए। अन्यथा हादसे की जिम्मेदारी एनएचएआई की होगी। प्रवीण बूरा, स्थानीय निवासी गांव प्रेमनगर

यह मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। सर्विस लेन को जल्द से जल्द ठीक करवाया जाएगा ताकि वाहनों का सुचारू आवागमन हो सके।

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