बाल विवाह व दहेज प्रथा को खत्म करने के लिए सबका सहयोग जरूरी: नीलम कुमारी
सीजेएम ने बाल विवाह, दहेज प्रथा, साइबर अपराध, फ्रॉड एवं वल्नरेबल गवाह के संबंध में अधिकारियों साथ की बैठक
नारनौल, (ब्यूरो): सभी विभाग मिलकर काम करेंगे तो अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाकर पीडि़तों को समय पर न्याय मिल पाएगा। यह बात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायाधीश दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने आज एडीआर सेंटर में बाल विवाह, दहेज प्रथा, साइबर अपराध, फ्रॉड एवं वल्नरेबल गवाह (संवेदनशील गवाह) के संबंध में अधिकारियों की बैठक लेते हुए कही।
सीजीएम नीलम कुमारी ने बाल विवाह व दहेज प्रथा के बारे में कहा कि इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत कर जनता को इन प्रथाओं के कानूनी परिणामों और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में शिक्षित करना होगा तभी इन सामाजिक बुराइयों पर पूरी तरह से अंकुश लग सकेगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में जहां बैंकिंग और अन्य सेवाएं सुलभ हुई हैं, वहीं साइबर अपराध के मामलों में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। साइबर अपराधी मासूम नागरिकों को ठगने के लिए हर दिन नए-नए तरीके अपना रहे हैं। साइबर अपराध व से बचने के लिए किसी के साथ ओटीपी सांझा न करें व अज्ञात लिंग पर क्लिक न करें तथा मजबूत पासवर्ड रखें।
सीजेएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को गांव में कैंप लगाकर जागरूक करें। इस मौके पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी सरिता शर्मा ने बाल विवाह व दहेज प्रथा तथा साइबर क्राइम से सुरेंद्र सिंह ने साइबर क्राइम के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी कार्यालय से राजकुमार, पैनल अधिवक्ता, पीएलवी, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर, ग्राम सचिव व आशा वर्कर मौजूद थी।




