उत्तर प्रदेश

Moradabad Asad Murder Case: मुरादाबाद के असद हत्याकांड का खुलासा, प्रॉपर्टी विवाद और रंगदारी में हुई हत्या; 2 आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में अलविना बेकरी के मालिक और जज आसमा सुल्ताना के पिता मोहम्मद असद की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनकी पहचान आलमगीर और मोहम्मद फैजान के रूप में हुई है. फैजान इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी जफर का दामाद बताया जा रहा है. फिलहाल, जफर अब भी फरार चल रहा है. उसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं.

जानकारी के अनुसार, 27 फरवरी, दिन शुक्रवार शाम 7:30 बजे असद अपने साले मजाहिर के साथ तरावीह के लिए स्कूटी से जा रहे थे, तभी नागफनी थाना क्षेत्र के बंगला गांव चौराहा के पास असद के दूसरे साले जफर ने तमंचे से उन्हें गोली मार दी. घायल को तुरंत जिला अस्पताल मुरादाबाद ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद असद को मृत घोषित कर दिया. इस हत्याकांड इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस के साथ-साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंच गए.

मजाहिर ने दर्ज कराई FIR

जांच के लिए तुरंत FSL टीम को भी बुलाया गया. इस संबंध में मजाहिर ने नागफनी थाना में पांच नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई. उसने जीजा की हत्या के लिए अपने ही सगे भाई जफर, उसके बेटा सैफुल, दूसरे बेटा हुसैन, आलमगीर और फैजान, जो कि जफर का दामाद है. सहित कई अन्य लोगों जिम्मेदार ठहराते हुए मुकदमा दर्ज कराया. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.

दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आलमगीर और फैजान को गिरफ्तार कर लिया है. बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. इस हत्याकांड इलाके में दहशत का माहौल है. घटना का मुख्य कारण मृतक असद और उनके साले जफर के बीच चल रहा पुराना मकान और प्रॉपर्टी विवाद बताया जा रहा है. बता दें कि इस विवाद की शुरुआत 22 दिसंबर 2025 को मझोला थाना इलाके से हुई थी, जब मानसरोवर पैराडाइज बैंकेट हॉल से लौटते समय जफर और उसके साथियों ने असद की कार रोककर उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी.

10 लाख की मांगी थी रंगदारी

धमकी मिलने के बाद पीड़ित ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उनसे 10 लाख रुपये की रंगदारी और 1 लाख रुपये महीना देने की मांग की थी, जिसे न देने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी. इस मामले में 13 जनवरी को मझोला थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(4) और 351(2) के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया था. पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर ही रही थी कि इस बीच 27 फरवरी को असद की हत्या कर दी गई.

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