बिहार

भागलपुर में छात्राओं की गुमशुदगी, सहेलियों ने किया था तस्करी का खेल

बिहार के भागलपुर में ह्यूमन ट्रैफिकिंग से जुड़ा मामला सामने आया है. जिले के बबरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत वारसलीगंज और अलीगंज के महेशपुर की रहने वाली दो नाबालिग छात्राएं 8 जनवरी से लापता हैं. मामले में परिजनों ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक दोनों का कोई सुराग नहीं लग पाया है. छात्राओं के गायब होने से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. वहीं 10वीं की एक अन्य छात्रा ने तस्करी से जुड़ा खौफनाक राज खोला है.

10वीं में पढ़ने वाली ये छात्रा सरयू देवी बालिका उच्च विद्यालय की है. छात्रा का नाम खुशी है. छात्रा ने तस्करी से जुड़े कई राज खोले हैं.वह जिले के बायपास थाना क्षेत्र की रहने वाली है. खुशी का कहना है कि सितंबर महीने में उसकी सहेलियों सुहाना और निशा ने उसे एक गैंग के हाथों बेच दिया था. पहले नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश किया गया, फिर स्टेशन ले जाकर चार महिलाओं के हवाले कर दिया गया.

ट्रेन से पटना ले गईं महिलाएं

खुशी के मुताबिक ये महिलाएं उसे ट्रेन से पटना ले गईं, जहां दो युवक भी उनके साथ जुड़ गए. इसके बाद उसे नशीला पदार्थ सूंघाकर यूपी के किसी शहर में ले जाया गया और एक बंद कमरे में रखा गया. वहां पहले से 8 लड़कियां मौजूद थीं. छात्रा का आरोप है कि कमरे में उसे सूई दी जाती थी, मारपीट की जाती थी और धमकाया जाता था कि अगर ज्यादा हंगामा किया तो किडनी बेच दी जाएगी.

जान जोखिम में डालकर वहां से भागी खुशी

छात्रा ने बताया कि वह किसी तरह जान जोखिम में डालकर वहां से भागने में सफल रही. उसके साथ एक और लड़की भी भागी थी. घर लौटने के बाद खुशी की मां और भाई ने पूरी घटना सोनाक्षी के पिता को बताई. इसके बाद सोनाक्षी के पिता ने डीएसपी-2 राकेश कुमार से संपर्क किया, जिन्होंने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मिलने के लिए बुलाया है.

पुलिस कर रही जांच

दोनों छात्राओं के लापता होने की जांच पुलिस ह्यूमन ट्रैफिकिंग एंगल से भी कर रही है. पुलिस का कहना है कि जांच चल रही है. जल्द ही दोनों छात्राओं को बरामद कर लिया जाएगा.

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