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Middle East War: ईरान का दुबई पर बड़ा हमला! अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना; अल मिन्हाद एयर बेस दहला

अमेरिका-इजराइल और ईरान की लड़ाई मिडिल ईस्ट में ज्यादा गहरी होती जा रही है. ईरान जवाबी की ओर से लगातार मिसाइल और ड्रोन दागे जा रहे हैं. इन हमलों में ईरान की तरफ से दुबई में नए हमले किए हैं. ईरान ने अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई सेना से जुड़ी जगहों को निशाना बनाया है. ईरान ने दावा किया है कि उसके ऑपरेशन खाड़ी में अमेरिका के सैनिकों को टारगेट कर रहे हैं. ईरान ने दुबई के पास अल मिन्हाद में ऑस्ट्रेलियाई मिलिट्री फैसिलिटी को टारगेट किया है. ऑस्ट्रेलिया के डिफेंस मिनिस्टर रिचर्ड मार्लेस ने कन्फर्म किया है कि ईरान की फोर्स ने अल मिन्हाद एयर बेस पर हमला किया. यहां पर ऑस्ट्रेलिया के लोग तैनात हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी सैनिक सुरक्षित हैं और उनका पता चल गया है.

ऑस्ट्रेलिया के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में हमारे 100 से ज्यादा लोग हैं. उनमें से ज्यादातर UAE में हैं. यहां अल मिन्हाद में हमारा कई, कई सालों से एक ऑपरेशनल हेडक्वार्टर है. ये हमले खाड़ी देशों में ईरान की लगातार ड्रोन और मिसाइल एक्टिविटी के बीच हुए हैं. इनका निशाना अमेरिकी मिलिट्री एसेट्स हैं. खाड़ी देश में जिनमें से कई में पश्चिमी सैनिक और बेस हैं. ये जैसे-जैसे लड़ाई तेज होती जा रही है, वे खुद को ज्यादा से ज्यादा असुरक्षित पा रहे हैं.

खाड़ी देशों पर दबाव

इससे पहले, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बयान में कहा था कि वह ऑपरेशन ट्रुथफुल प्रॉमिस 4 के तहत अमेरिकी बेस और एसेट्स को टारगेट कर रहा है. IRGC का यह ऑपरेशन 28 फरवरी की सुबह अमेरिका और इजराइल अपने ईरान पर किए गए हमले के जवाब में किया गया है.

दुबई के अलावा, ईरान ने कतर, बहरीन, जॉर्डन और कुवैत पर भी हमले किए हैं. ये सभी US मिलिट्री बेस हैं. खास बात यह है कि मिडिल ईस्ट में US के करीब 13 मिलिट्री बेस हैं. इनमें आम तौर पर 30,000 से 40,000 सैनिक तैनात रहते हैं.

दुबई का चमकता हुआ शहर लंबे समय से अस्थिर मिडिल ईस्ट में सबसे सुरक्षित जगह रहा है, जो ईरानी बिजनेसमैन, अमेरिकी सेलिब्रिटी और रूसी अमीर लोगों को एक जैसी लग्जरी जिंदगी देता था. मगर ईरान के हमलों के बाद से यहां काफी तनाव की स्थिति बनी हुई है.

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