हरियाणा

सिरसा में किसान-मजदूरों का महा-आंदोलन, अपनी मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी; ‘भारत बंद’ का किया बड़ा ऐलान

सिरसा: जिले में किसान और मजदूर संगठनों से जुड़े लोगों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर यह पैदल मार्च शहीद भगत सिंह स्टेडियम से शुरू होकर लघु सचिवालय तक निकाला गया. मार्च में किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली. शांतिपूर्ण ढंग से निकाले गए इस मार्च के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की.

जमकर की नारेबाजी: पैदल मार्च के दौरान केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ किसानों और मजदूरों ने जमकर नारेबाजी की. “किसान-मजदूर एकता जिंदाबाद”, “मजदूरों के हक में आवाज बुलंद करो” और “सरकार हमारी मांगें पूरी करो” जैसे नारे लगाए. इस दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में उनकी मांगें लिखी हुई तख्तियां नजर आई.

लंबित मांगों का मुद्दा: प्रदर्शनकारियों ने बताया कि, “किसानों की न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी, बिजली बिलों में राहत, फसल बीमा योजना में सुधार और मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन तथा रोजगार की गारंटी जैसी मांगें लंबे समय से लंबित हैं. इन जायज मांगों के बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है.”

दी सख्त चेतावनी: प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, “किसान और मजदूर देश की रीढ़ हैं, लेकिन आज यही वर्ग सबसे ज्यादा परेशान है. महंगाई लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों की आमदनी घट रही है. मजदूरों को नियमित रोजगार नहीं मिल पा रहा और किसानों को फसलों के उचित दाम नहीं मिल रहे. ऐसे हालात में सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर समाधान निकालना चाहिए.”

भारत बंद का किया आह्वान: प्रदर्शनकारी किसानों और मजदूरों ने 12 फरवरी को किसान और मजदूरों की मांगों को लेकर भारत बंद का आह्वान किया. उन्होंने सभी किसान संगठनों, मजदूर यूनियनों, व्यापारियों और आम जनता से इस बंद को सफल बनाने की अपील की. साथ ही चेतावनी दी कि अगर सरकार ने मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

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