कीर्ति सेठिया बैगानी को भारत सम्मान 2025, पुस्तक इनटू दा लाइट का विमोचन समारोह भव्य तरीके से संपन्न

नई दिल्ली,(ब्यूरो): प्रख्यात आध्यात्मिक हीलर और इंटीरियर आर्किटेक्ट कीर्ति सेठिया बैगानी को उनके अद्वितीय योगदान—हीलिंग, भावनात्मक संतुलन और मानव कल्याण के क्षेत्र में—के लिए ग्लोबल एक्सीलेंस फोरम द्वारा दिल्ली में भारत सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया। इस समारोह में केवल पुरस्कार वितरण ही नहीं हुआ, बल्कि आध्यात्मिक जागरूकता और समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में प्रेरणा का भी अद्वितीय अवसर प्रस्तुत हुआ। इस अवसर पर कीर्ति सेठिया बैगानी की नई पुस्तक इनटू दा लाइट: आध्यात्मिक उपचार और व्यक्तिगत परिवर्तन के लिए मार्गदर्शिका का विमोचन गरिमामयी उपस्थिति में माननीय विशिष्ट अतिथियों ने सामूहिक रूप से किया। यह पुस्तक आत्मा की गहराईयों में पहले से विद्यमान शक्ति को पहचानने और जागृत करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है, ताकि हर व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सके। समारोह के अवसर पर न्याटो डुकाम ( कैबिनेट मंत्री, वाणिज्य एवं उद्योग, अरुणाचल प्रदेश), सांसद डॉ. रवीन्द्र नारायण बेहेरा, डॉ. टेज ताकी ( अध्यक्ष, राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री), विधायक डॉ. अलो लिबांग (मुख्यमंत्री के सलाहकार और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरुणाचल प्रदेश), डॉ. संजीव पटजोशी, आईपीएस ( महानिदेशक, राज्य मानवाधिकार आयोग केरल), गिरीश चावला (सेवानिवृत्त महानिरीक्षक पुलिस और राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय कल्याण बोर्ड), प्रो. विनी कपूर मेहरा (संस्थापक एवं कुलपति, डीबीआरएएनएलयू, सोनीपत), डॉ. राजेश्वरी कापड़ी (सेवानिवृत्त उप निदेशक, शिक्षा विभाग, दिल्ली), प्रो. एन. डी. माथुर (कुलपति, विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी जयपुर) और सिद्धार्थ यादव( भाजपा प्रवक्ता एवं सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता) उपस्थित थे। इस अवसर पर कीर्ति सेठिया बैगानी ने कहा कि हीलिंग का अर्थ केवल चमत्कार करना नहीं है। यह उस दिव्य प्रकाश को जगाने का मार्ग है, जो पहले से ही हर आत्मा में विद्यमान है। हर व्यक्ति के भीतर रूपांतरण, उठने और प्रेरित करने की शक्ति होती है। यह सम्मान केवल मेरा नहीं है, यह उन सभी आत्माओं का है जिन्होंने इस यात्रा में मुझ पर विश्वास किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हीलिंग केवल शारीरिक या मानसिक उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मा में जागरूकता और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी आत्मा में विद्यमान शक्ति को पहचान कर जीवन में डर, चिंता और नकारात्मकता से मुक्त हो सकता है और वास्तविक परिवर्तन ला सकता है।
पुस्तक इनटू दा लाइट इसी संदेश का विस्तार करती है। पुस्तक में बताया गया है कि कैसे व्यक्ति अपनी आंतरिक शक्ति को जागृत करके व्यक्तिगत और आध्यात्मिक जीवन में गहरा बदलाव ला सकता है। उपस्थित अतिथियों ने भी कीर्ति सेठिया बैगानी के कार्यों की प्रशंसा की और कहा कि उनका योगदान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है। डॉ. रवीन्द्र नारायण बेहेरा ने कहा कि कीर्ति सेठिया बैगानी के प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक सशक्तिकरण लाने के लिए प्रेरक उदाहरण हैं। उनकी उपलब्धियाँ अनेक लोगों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगी