JNU Protest Case: पटियाला हाउस कोर्ट से प्रदर्शनकारी छात्रों को बड़ी राहत, पुलिस की मांग खारिज कर सभी 14 को दी जमानत

पटियाला हाउस कोर्ट में जेएनयू प्रोटेस्ट केस की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने JNU के सभी प्रदर्शनकारी छात्रों को जमानत दे दी है. जेएनयू मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 14 आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था. इस मामले में कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं था, बल्कि प्रदर्शनकारियों द्वारा हिंसा की गई.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, छात्रों की पुलिसकर्मियों के साथ झड़प हुई, जिसमें पुलिस अधिकारी भी घायल हुए. पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपी पहले भी कई मौकों पर प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग कर चुके हैं और इस संबंध में पहले भी चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं.
सभी को न्यायिक हिरासत में भेजने की अपील
पटियाला हाउस कोर्ट में जेएनयू प्रोटेस्ट केस की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की. दिल्ली पुलिस की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जांच को आगे बढ़ाने के लिए सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत में भेजना जरूरी है.
आरोपियों के वकील ने क्या कहा?
आरोपियों के वकील ने अदालत में कहा कि सभी आरोपी जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं और इस संबंध में वे अदालत को लिखित आश्वासन (undertaking) देने को भी तैयार हैं. सुनवाई के दौरान एक महिला छात्रा ने आरोप लगाया कि 45 बिना यूनिफॉर्म पहने लोगों ने उसे भीड़ से जबरन खींच लिया, जिससे उसके हाथ पर चोट आई और खून के थक्के बन गए हैं.
पुलिस ने अदालत में बताया कि करीब 300 लोगों का मार्च बिना अनुमति इंडिया गेट की ओर निकाला जा रहा था. इस दौरान जब पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, तब आरोपियों ने पुलिस अधिकारियों के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की और हमला किया.
गिरफ्तार लोगों में शामिल हैं-
- नीतीश कुमार (पूर्व JNUSU प्रेसिडेंट)
- अदिति मिश्रा (JNUSU प्रेसिडेंट)
- गोपिका बाबू (JNUSU वाइस प्रेसिडेंट)
- दानिश अली (JNUSU जॉइंट सेक्रेटरी)




