Jabalpur News: 8 लाख में बनाई 80 मीटर सड़क और 24 घंटे में चला दिया बुलडोजर, जबलपुर प्रशासन के इस एक्शन की क्या है वजह?

मध्य प्रदेश को यूं ही अजब-गजब नहीं कहा जाता, यहां के कई किस्से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर देते हैं. इस बार मामला लोक निर्माण विभाग से जुड़ा है, जो हाल के महीनों में लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. भोपाल के चर्चित 90 डिग्री ब्रिज और भोपाल-जबलपुर नेशनल हाईवे 45 पर शहपुरा के पास ब्रिज के दोनों हिस्से टूटने विवाद के बाद अब सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं. मामला लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की पश्चिम विधानसभा स्थित गढ़ा स्थित गुजराती कॉलोनी के पास का है, जहां हाल ही में बनाई गई सीमेंट कंक्रीट सड़क 24 घंटे भी नहीं टिक सकी, और उससे जेसीबी से तोड़ा गया.
दरअसल, यहां करीब 80 मीटर लंबी सड़क के निर्माण पर लगभग 8 लाख रुपये खर्च किए गए थे. स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि लंबे इंतजार के बाद बनी यह सड़क उन्हें राहत देगी, लेकिन निर्माण के अगले ही दिन सड़क पर दरारें दिखाई देने लगीं. जांच में प्रारंभिक तौर पर घटिया निर्माण सामग्री और लापरवाही की बात सामने आई. इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और सड़क की गुणवत्ता को बेहद निम्न स्तर का पाया.
सड़क पर चला बुलडोजर
हैरानी की बात यह रही कि नई-नवेली सड़क को सुधारने के बजाय सीधे जेसीबी मशीन बुलाकर उसे तोड़ दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि निर्माण के दौरान कंक्रीट जमाने के लिए वाइब्रेटर का उपयोग नहीं किया गया, जिससे मिश्रण ठीक से सेट नहीं हो पाया. तकनीकी मानकों की अनदेखी के कारण सड़क की मजबूती प्रभावित हुई और वह समय से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गई. विभाग ने संबंधित ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सड़क दोबारा अपने खर्च पर बनाने के निर्देश दिए हैं.
शुरुआती जांच में निर्माण कराने वाली कंपनी की लापरवाही सामने आने के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. वहीं स्थानीय नागरिकों का कहना है कि केवल एक सड़क पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है. उनका सवाल है कि क्षेत्र में बन रही अन्य सड़कों की गुणवत्ता की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने.
ठेकेदार को अधिकारियों ने दिया ये निर्देश
इसके साथ ठेकेदारों की नायाब इंजीनियरिंग भी देखने को मिली. सड़क निर्माण के दौरान बीच सड़क पर लगा नल भी छोड़ दिया गया जिसे अलग भी नहीं किया गया बल्कि पाइप ऊपर बढ़ाकर बाकायदा टोटी भी लगा दी गई. जिसके चलते आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि यह नल किसी बड़े खतरे को न्योता दे रहा है. लोगों ने इसे बड़ा भ्रष्टाचार बताते हुए कई सवाल खड़े किए हैं.
फिलहाल पीडब्ल्यूडी विभाग ने त्वरित कार्रवाई कर सड़क को दोबारा बनाने का आश्वासन दिया है, लेकिन यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि जनता के टैक्स के पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके.




