नवरात्रि में माता रानी को भोग कितनी देर तक चढ़ाना चाहिए?

शक्ति का महापर्व नवरात्रि इस समय चल रहा है, जिसका समापन 2 अक्टूबर को होगा. 9 दिवसीय नवरात्रि के दौरान माता रानी के 9 स्वरूपों को 9 अलग-अलग तरह के भोग लगाने की परंपरा है. भक्त देवी को भोग तो लगा देते हैं, लेकिन भोग लगाने के नियमों के बारे में बहुत ही कम लोगों को पता होता है. आइए हम आपको बताते हैं.

नवरात्रि में माता रानी के पास भोग (प्रसाद) को तुरंत नहीं हटाना चाहिए और न ही इसे घंटों तक रखना चाहिए. माता रानी के सामने भोग को लगभग 5 से 15 मिनट तक खा जा सकता है और फिर इसे प्रसाद के रूप में सभी में बांट देना चाहिए.

माता रानी को भोग लगाने के 5 से मिनट बाद उस भोग को उठाकर सभी में बांटना चाहिए और स्वयं भी ग्रहण करना चाहिए. अगर भोग ज्यादा देर तक रखा रहे तो उसमें नकारात्मक ऊर्जा आ सकती है और बुरी शक्तियां प्रवेश कर सकती हैं, जिससे पूजा का फल नहीं मिलता है.

नवरात्रि के दौरान माता रानी भोग लगाते समय उनके सामने जल का पात्र (तांबे या चांदी के लोटे में) जरूर रखना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर भोग को ज्यादा देर तक मंदिर में रखा रहने दिया जाए तो उसमें नकारात्मकता फैल सकती है.

ऐसा माना जाता है कि लंबे समय तक रखे भोग में विश्वकसेन, चंदेश्वर, चंडांशु और चांडाली जैसी बुरी शक्तियां आ जाती हैं. इसलिए ज्यादा समय तक भोग माता रानी के सामने न रखें. माता रानी को हमेशा सात्विक और स्वच्छ तरीके से बनाया गया भोग ही लगाएं




