पूर्णिया में खौफनाक वारदात: पहले रेकी की, फिर दोस्त बनी; अस्पताल से महिला के दो बच्चों को ले उड़ी ‘नकाबपोश’ चोरनी

पूर्णिया मेडिकल कॉलेज से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां बीते 9 दिनों से इलाजरत एक महिला के 2 बच्चे चोरी हो गए. महिला टीबी की बीमारी से पीड़ित है, जो बोलने और चलने- फिरने की स्थिती में नहीं है. बीते सोमवार को महिला के दो बच्चों की चोरी का मामला सामने आया. बेबस मां सिर्फ आंखों से आंसू बहाकर अपनी बेबसी बयां कर रही है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
जानकारी के अनुसार लाइन बाजार नया टोला की रहने वाली गुड़िया देवी पति स्व.रामजी दास पिछले 27 जनवरी से जीएमसीएच के महिला वार्ड में भर्ती हैं. उनके साथ उसकी 9 साल की बेटी शिवानी, 4 साल का बेटा शिवम और 3 साल की बेटी लक्ष्मी भी रहती थी. बताया जाता हैं कि सोमवार शाम एक ही रंग की पीला साड़ी पहने 2 महिलाएं मेडिकल कॉलेज के महिला वार्ड में आईं और शिवम व लक्ष्मी को बिस्किट दिलाने के नाम पर बाहर बुलाया.
सीसीटीवी कैमरे से हुई घटना की पुष्टि
बाहर आते ही दोनों महिलाएं दोनों बच्चों को लेकर फरार हो गईं. वहीं मेडिकल कॉलेज के वार्ड से बच्चा चोरी की खबर से मेडिकल कॉलेज प्रशासन हरकत में आया. जब सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया तो पीली साड़ी पहनी महिलाएं दोनों बच्चों का हाथ पकड़े तेजी से मेडिकल कॉलेज के बाहर निकलते देखी गई. जिसके बच्चों को अगवा होने की पुष्टि हुई.
घटना की सूचना पर फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी और के हाट सहित तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंच बच्चों के ले जाने वाले सभी रास्तों का सीसीटीवी फुटेज खंगालने लगी. पुलिस को दोनो महिला का फुटेज प्राप्त हो गया है. वहीं पूर्णियां मेडिकल कॉलेज जैसे भीड़भाड़ वाले अस्पताल से दिनदहाड़े बच्चों का गायब हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है.
भीख मांगकर करती थी गुजारा
पीड़ित महिला की कहानी भी काफी दुखभरी है. मरीज गुड़िया देवी ने बताया कि वह कटिहार जिले के मिरचाईबाड़ी की रहने वाली है. उसके पति रंग पेंट का काम किया करते थे और टीवी की बीमारी से उसकी मौत हो गई. पति की मौत के बाद ससुरालवालों ने उसे घर से निकाल दिया. जिसके बाद पूर्णियां आकर लाइन बाजार नया टोला में किराए के मकान में रहने लगी और छोटा-मोटा काम कर बच्चों का पानल-पोषण करने लगी.
कुछ दिनों के बाद महिला को भी टीवी हो गया और धीरे धीरे वह कमजोर हो गई. काम न करने की स्थिति में पैसे न देने की वजह से मकान मालिक ने भी उसे घर से निकाल दिया. जिसके बाद फुटपाथ पर भीख मांगकर बच्चों का लालन पोषण कर रही थीं. एक दिन बीमारी से वह बेहोश होकर गिर पड़ी, जिसके बाद लोगो ने एम्बुलेंस से पूर्णियां मेडिकल कॉलेज भेज दिया, जहां 9 दिनों से उसका इलाज चल रहा हैं.
पहले रेकी और फिर गायब किया बच्चा
पीड़ित महिला की बड़ी बेटी ने बताया कि दोनों महिलाएं पहले से भी अस्पताल में आती जाती थी. पास के मरीज से मिलकर वह चली जाती थी. इस वजह से उससे जान पहंचान हुई. उसने पहले भी 210 रुपया दिए थे और अपने भाई बहन को सौंपने को कहा था. बच्ची के बयान से आशंका जताया जा रहा है कि महिला कई दिनों से दोनों बच्चों की रेकी कर रही थी. समय मिलते ही बच्चें को चुराकर गायब हो गई.




