हरियाणा का रिकॉर्ड: 12.40 लाख लोगों की HIV जांच, संक्रमितों को मिल रही ₹2250 मासिक सहायता

चंडीगढ़ : हरियाणा ने एच.आई.वी./एड्स के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करते हुए चालू वित्तीय वर्ष में 12.40 लाख से अधिक लोगों की जांच कर नया रिकॉर्ड बनाया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच 12,40,205 लोगों की एच. आई. वी. जांच की गई, जिनमें 5877 व्यक्ति पॉजिटिव पाए गए। राज्यभर में 104 एकीकृत परामर्श एवं जांच केंद्र संचालित हैं, जिनमें फरीदाबाद में एक मोबाइल इकाई भी शामिल है। इन केंद्रों पर निःशुल्क और गोपनीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
613 गर्भवती महिलाएं एच.आई.वी. पॉजिटिवः मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई है। इस वित्त वर्ष में 5,65,830 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमें से 613 एच.आई.वी. पॉजिटिव पाई गईं। सभी को समय रहते उपचार से जोड़ा गया, जिससे शिशु संक्रमण रोकने में मदद मिली।
24 ए.आर.टी. केंद्रों पर मिल रहा उन्नत उपचारः राज्य में 24 एंटी-रेट्रोवायरल थैरेपी (ए.आर.टी.) केंद्र रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, हिसार, अंबाला और मेवात सहित प्रमुख जिलों में संचालित हैं। इनमें 13 नए केंद्र मेडिकल कॉलेजों में स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 5 फै सिलिटी इंटीग्रेटेड ए.आर.टी. केंद्र और 4 लिंक ए. आर.टी. केंद्र भी कार्यरत हैं। वर्तमान में 40,851 मरीज जीवनरक्षक उपचार प्राप्त कर रहे हैं। दिसम्बर 2021 से लागू मासिक वित्तीय सहायता योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 2,250 रुपए प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। अब तक 54.3 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं।
31 क्लीनिकों में निःशुल्क परामर्श और सिफिलिस जांच
एच.आई.वी. के साथ-साथ यौन संचारित संक्रमणों की रोकथाम पर भी जोर दिया जा रहा है। 31 नामित क्लीनिकों में निःशुल्क परामर्श, फिलिस जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध है। रैडक्रॉस सोसायटी और गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से 42 लक्षित हस्तक्षेप परियोजनाएं संचालित हैं, जो उच्च जोखिम समूहों-महिला यौनकर्मी, पुरुष-पुरुष यौन संबंध रखने वाले व्यक्ति, अंतः शिरा नशीली दवाओं का सेवन करने वाले, ट्रक चालक और प्रवासी मजदूरों-के साथ कार्य कर रही हैं। ओपिओइड पर निर्भर व्यक्तियों के लिए 12 ओ.एस.टी. केंद्र और 3 उपग्रह इकाइयों संचालित हैं। 9014 मरीज पंजीकृत है, जिनमें 4569 नियमित उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
जन जागरूकता अभियान तेज
रेडियो जिंगल, रेलवे स्टेशनों पर डिजिटल डिस्प्ले, सिनेमा विज्ञापन, एसएमएस और सोशल मीडिया के जरिए जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। 3397 स्कूलों और 429 कॉलेजों में रैड रिबन क्लबों के माध्यम से रैलियां, मैराथन और प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई हैं। परिवहन विभाग, कृषि विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, उत्तरी रेलवे और महिला एवं बाल विकास विभाग सहित कई विभाग इस मुहिम से जुड़े हैं। हैं। अब तक 49,120 लोगों को मुख्यधारा में लाने की दिशा में जागरूक किया जा चुका है।



