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Haryana Dayalu-II Yojana: आवारा पशु या कुत्ते के काटने पर सरकार देगी ₹5 लाख तक का मुआवजा; भिवानी DC ने बताया कैसे करें आवेदन

भिवानी। डीसी साहिल गुप्ता ने कहा कि पीड़ित लोगों को दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के तहत दयालु-द्वितीय योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए। इसी को लेकर उन्होंने लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में अधिकारियों के साथ योजना की समीक्षा की। यह योजना हरियाणा के निवासियों के लिए है जिसके तहत लावारिस-आवारा/जंगली पशुओं जैसे गाय, बैल, कुत्ते, नीलगाय, भैंस आदि के काटने या चोट मारने से हुई आकस्मिक मृत्यु, घायल होने या दिव्यांगता की स्थिति में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

योजना का उद्देश्य परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के तहत पंजीकृत सभी परिवारों को कवर करना है। डीसी ने अधिकारियों को विशेष जागरूकता कैंप आयोजित कर पीड़ित लोगों के जरूरी दस्तावेज पूरे करवाने के निर्देश भी दिए। डीसी साहिल गुप्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के तहत दयालु-द्वितीय योजना शुरू की है। आवारा पशुओं के कारण हुई दुर्घटना या घटना के संबंध में किए गए दावे पर भुगतान किए जाने वाले मुआवजे का निर्धारण जिला स्तरीय कमेटी द्वारा किया जाएगा। योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु या निर्धारित मानकों के अनुसार प्रतिशत दिव्यांगता होने पर एक से पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है। आवेदक परिवार के पास परिवार पहचान पत्र होना आवश्यक है तथा परिवार हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए। एफआईआर की प्रति भी जरूरी है।

इस प्रकार मिलता है पीड़ित लोगों को दयालु-द्वितीय योजना का लाभ
डीसी ने बताया कि कुत्ते के काटने के मामले में मुआवजे की राशि न्यूनतम 10 हजार रुपये प्रति दांत के निशान के अनुसार होगी। जहां मांस त्वचा से अलग हो गया हो, ऐसे मामले में न्यूनतम 20 हजार रुपये प्रति 0.2 सेंटीमीटर घाव के अनुसार दिए जाएंगे। इसी प्रकार 12 वर्ष तक आयु के बच्चों के लिए एक लाख रुपये, 12 से 18 वर्ष तक के लिए दो लाख रुपये, 18 से 25 वर्ष के लिए तीन लाख रुपये, 25 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लिए पांच लाख रुपये तथा 45 वर्ष से अधिक आयु वाले के लिए तीन लाख रुपये आर्थिक सहायता का प्रावधान है। लाभार्थी दावेदार को दुर्घटना के 90 दिनों के भीतर योजना के ऑनलाइन पोर्टल https://dapsy.finhry.gov.in के माध्यम से सभी आवश्यक विवरण और दस्तावेजों सहित आवेदन कर दावा दायर करना होगा।

जागरूकता कैंपों में पूरे करवाए जाएंगे जरूरी दस्तावेज
जिला सांख्यिकी अधिकारी डॉ. भागीरथ कौशिक ने बताया कि भिवानी जिले में अब तक कुल 43 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जल्द ही विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कैंप आयोजित किए जाएंगे जिनमें पीड़ित लोगों के जरूरी दस्तावेज पूरे करवाए जाएंगे। आवश्यक दस्तावेजों में परिवार पहचान पत्र, एफआईआर/डीडीआर, मृत्यु प्रमाणपत्र और अस्पताल डिस्चार्ज प्रमाणपत्र शामिल हैं। बैठक में एसडीएम महेश कुमार, डीडीपीओ सोमबीर कादयान और डीआईओ अमित लांबा मौजूद रहे।

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