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वन्यजीवन की खुशी: सज्जनगढ़ में भेड़ियों के 12 शावकों का जन्म

राजस्थान के उदयपुर स्थित सज्जनगढ़ बायोलोजिकल पार्क में भेड़ियों का कुनबा लगातार बढ़ा रहा है. हाल ही में दो मादा भेड़ियों ने कुल 12 शावकों को जन्म दिया है, जिससे पार्क में भेड़ियों की संख्या 21 से बढ़कर अब 33 हो गई है. मां और बच्चे स्वस्थ हैं. देश में घटती भेड़ियों की जनसंख्या के लिए यह एक अच्छी खबर है. पहले कुंभलगढ़ अभयारण्य भेड़ियों के लिए जाना जाता था, लेकिन बीते दशकों में इनकी संख्या में गिरावद आई है. ऐसे में बायो पार्क भेड़ियों के प्रजनन के लिए एक अनुकूल केंद्र में रूप में सामने आया है.

पार्क में बढ़ रही भेड़ियों की जनसंख्या वन्य जीव पर्यटन को एक नया आकार देगी. आने वाले समय बायोपार्क की पहचान भेड़ियां संरक्षण के रुप में होगी. 2022 में उदयपुर के इतिहास में पहली बार भारतीय भेड़िए ने 5 बच्चों को जन्म दिया था. इन्हें चैन्नई के अरीगना अन्ना जुलोजिकल पार्क से 2021 में भेड़ियों का एक जोड़ा लाया गया था.

कैसे कम हुई देश में भेड़ियों की जनसंख्या?

भेड़िया बकरी, गाय आदि छोटे जानवरों को अपना शिकार बनाता है, जिस कारण ग्रामीण इलाकों में लोग इन्हें मारने लगे. धीरे-धीरे इनकी जनसंख्या कम हो गई. अभी भी भेड़ियों के मारने की घटनाएं सामने आती रहती है.

क्या है बायोलोजिकल पार्क की खासियत?

सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघों, तेंदुओं, भालुओं और दूसरे जानवरों के लिए अलग-अलग बाड़े बनाए गए हैं. इसे उदयपुर की मशहूर झीलों और किलों के पास वन्यजीव संरक्षण और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए विकसित किया गया है.

कभी राजस्थान में थे 20 हजार भेड़िया

देश भर में भेड़ियों की संख्या तेजी से कम हो रही है. यही कारण है कि भेड़ियों के संरक्षण के लिए अतिसंकटग्रस्त प्रजातियों की श्रेणी में शामिल किया कभी राजस्थान में 20 हजार से ज्यादा भेड़िए हुआ करते थे, लेकिन अब 1200 के करीब भेड़िए बचे हैं. ऐसे में इनके संरक्षण के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है.

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