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गार्ड और गाड़ियां होंगी बराबर…अलास्का में ट्रंप और पुतिन की मुलाकात से जुड़ी दिलचस्प बातें

आज पूरी दुनिया की नजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में होने वाली मीटिंग पर टिकी हुई है. छह साल बाद दोनों नेताओं की यह मुलाकात मुख्य रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध के तीन साल से जारी संकट को हल करने के मकसद से हो रही है.

ट्रंप-पुतिन की यह अहम मीटिंग अलास्का के सबसे बड़े शहर एंकोरेज में स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेस पर आयोजित की गई है. दोनों नेताओं के बीच बातचीत का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया जाएगा, लेकिन मुलाकात के बाद दोनों प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक मीटिंग से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें, कैसे तैयारियां हुईं, सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए और किन खास व्यवस्थाओं पर पूरा ध्यान रखा गया.

1. मीटिंग की तैयारी: सिर्फ सात दिन में पूरी तैयारी

पिछले शुक्रवार ट्रंप ने ऐलान किया कि वो लोग अलास्का में मिलेंगे. ऐसी हाई प्रोफाइल मीटिंग्स आमतौर पर महीनों पहले से प्लान होती हैं, लेकिन ये बस एक हफ्ते में फाइनल हो गई. CNN के मुताबिक, जल्दी-जल्दी में ऑर्गनाइजर्स ने अलास्का के कुछ और शहर भी देखे, लेकिन आखिर में पता चला कि सिर्फ एंकोरेज ही ठीक रहेगा. वैसे, एंकोरेज क्रेमलिन से करीब 4,300 मील दूर है और व्हाइट हाउस से करीब 3,300 मील, तो कह सकते हैं कि ये दोनों के लिए लगभग बीच का पॉइंट है.

2. सुरक्षा और उपकरण: हर छोटे-बड़े इंतजाम पर ध्यान

जॉइंट बेस पर आम लोगों के आने की पूरी तरह मनाही है और एयरस्पेस को अनधिकृत विमानों के लिए बंद कर दिया गया है. मीटिंग के दौरान संचार साधनों, सीक्रेट सर्विस के हथियारों और मेडिकल उपकरणों को दूसरे अमेरिकी शहरों से यहां शिफ्ट किया गया. पुतिन की सुरक्षा के लिए रूस की एजेंसियों ने भी अपने हथियार, उपकरण और जरूरी सामान बेस पर पहुंचाए. सिटी में VVIP सुरक्षा के लिए जरूरी गाड़ियों की कमी को पूरा करने के लिए अमेरिका और रूस ने मुख्य भूभाग और स्पेशल विमानों से गाड़ियाँ भेजीं.

3. दोनों नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था बराबर

ट्रंप और पुतिन दोनों के लिए सुरक्षा और सुविधा के इंतजाम समान रूप से किए गए हैं. निजी सुरक्षा कर्मियों की संख्या, ट्रांसलेटर, डेलीगेशन में शामिल लोग, कन्वॉय में गाड़ियाँ और सुरक्षा उपकरण, सब बराबर मात्रा में जुटाए गए हैं. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि दोनों नेताओं को समान स्तर की सुरक्षा और सुविधा मिले.

मुलाकात में क्या होगी चर्चा?

हालांकि दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत का पूरा ब्योरा सार्वजनिक नहीं है, लेकिन दुनिया की निगाहें मुख्य रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध की दिशा पर टिकी हुई हैं. ट्रंप ने पुतिन को चेतावनी भी दी है कि अगर पुतिन सीजफायर पर सहमत नहीं होते हैं तो इसके परिणाम गंभीर होंगे. मगर पुतिन को भी मनाना इतना आसान नहीं है. उनकी भी अपनी कुछ शर्ते हैं जिसे वो चाहेंगे कि पूरी हो. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मीटिंग के बाद दोनों नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें संभावित हल और बातचीत के परिणाम सामने आएंगे.

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