Business

सोना या तेल: आज की दुनिया में कौन है असली ताकतवर?

बीते 5 बरस में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है. दोनों कीमती मेटल्स ने कीमतों के सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं. दुनिया के तमाम असेट्स के मुकाबले में दोनों मेटल्स की वैल्यूएशन में भी जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है. वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कच्चे तेल को हासिल करने के लिए वेनेजुएला पर हमला वहां के राष्ट्रपति को गिरफ्तार किया है. साथ ही वहां के कच्चे तेल को अपने कंट्रोल में मिला है. इससे ये समझा जा सकता है कि कच्चे तेल की वैल्यू अभी भी कम नहीं हुई है. भले ही साल 2022 के मुकाबले में क्रूड ऑयल की कीमतें आधी रह गई हो. उसके बाद भी दुनियाभर में कच्चे तेल के भंडार की वैल्यू कई ट्रिलियन डॉलर है.

अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर मौजूदा में काला सोना यानी कच्चा तेल सबसे ज्यादा ताकतवर या है या फिर पीला सोना यानी गोल्ड? अगर बात दोनों की ही करें तो मौजूदा समय में कच्चा तेल सोने पर काफी भारी पड़ रहा है. मार्केट कैप के लिहाज से कच्चा तेल की ताकत सोने के मुकाबले 3 गुना से भी ज्यादा है. अगर बात दुनिया के सबसे ताकतवर असेट की बात करें तो वो ना तो सोना है ना ही चांदी, ना ही कच्चा तेल. कोई करेंसी यानी यूरो, डॉलर, पाउंड और युआन भी नहीं है. वास्तव में उस असेट का नाम है रियल एस्टेट. दुनियाभर में बीते कुछ सालों में रियल एस्टेट की वैल्यू में अच्छा इजाफा देखने को मिना है और उसका मार्केट ग्लोबली सबसे ज्यादा है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर रियल एस्टेट की वैल्यू कितनी ज्यादा है.

रियल एस्टेट है सबसे ज्यादा ताकतवर

असेट मार्केट कैप डॉट कॉम के आंकड़ों के अनुसार मौजूदा समय में रियल एस्टेट दुनिया का सबसे ज्यादा ताकतवर असेट है. मौजूदा समय में इस असेट का मार्केट कैप 671 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है. भविष्य में, इस सेक्टर में 2.64 फीसदी की सालाना दा (CAGR 2026-2029) से वृद्धि होने का अनुमान है, जिसके परिणामस्वरूप 2029 तक मार्केट का साइज 727.80 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। खास बात तो ये है कि ग्लोबल रियल एस्टेट मार्केट में अमेरिका की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है. साल 2026 में इसके 141.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है.

सोना या कच्चा तेल कौन बेहतर?

अगर बात सोने और कच्चे तेल की ताकत को कंपेयर करें तो यहां कच्चा तेल बाजी मारता हुआ दिखाई दे रहा है. असेट मार्केट कैप डॉट कॉम के आंकड़ों के अनुसार मौजूदा समय में कच्चे तेल की मार्केट कैप 109 ट्रिलियन डॉलर ये ज्यादा है. जोकि दुनिया का दूसरा सबसे ताकतवर असेट है. वहीं दूसरी ओर सोने की कीमतों में बीते 5 बरस में काफी तेजी देखने को मिली है. खास बात तो ये है साल 2025 में तो इसकी कीमतों में 70 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली है. ऐसे में गोल्ड के मार्केट कैप में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है. जिसकी वजह से गोल्ड की ग्लोबल मार्केट वैल्यू 31 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हो चुकी है. जोकि दुनिया की चौथी सबसे बड़ा असेट है.

डॉलर, युआन या यूरो कौन सी मजबूत करेंसी?

अगर करेंसी असेट की बात करें तो आप नाम लेंगे डॉलर. लेकिन ऐसा नहीं है. मौजूदा समय में मार्केट कैप के लिहाज चीन की करेंसी युआन दुनिया की तमाम करेंसीज के मुकाबले में सबसे ताकतवर है. मौजूदा समय में युआन का मार्केट कैप 48 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है. जोकि दुनिया का तीसरा सबसे ताकतवर असेट है. जबकि अमेरिका डॉलर का नंबर ग्लोबली नंबर 5 पर है. जिसका मार्केट कैप 22 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है. जबकि यूरो दुनिया का 6वां सबसे ताकतवर असेट है. जिसका मार्केट कैप करीब 19 टिलियन डॉलर है. बिट्रिश पांउड का मार्केट कैप 3 ट्रिलियन डॉलर है और दुनिया का 15वां सबसे ज्यादा ताकतवर असेट है.

दुनिया की कौन सी कंपनी है सबसे ज्यादा ताकतवर?

अगर बात कंपनियों की करें तो एप्पल, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट नाम लिया जाता रहा है. मौजूदा समय में भी ये कंपनियां सबसे ज्यादा ताकतवर हैं भी. लेकिन बीते कुछ समय से एआई कंपनी एनवीडिया काफी चर्चा में है. इसका कारण है इसकी ग्रोथ. काफी कम समय में इस कंपनी की वैल्यूएशन 4.50 ट्रिलियन डॉलर हो गई है. जोकि दुनिया में किसी भी कंपनी के मुकाबले में सबसे ज्यादा है. मौजूदा समय में ये दुनिया का 11वां सबसे ताकतवर असेट है. उसके बाद नंबर गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट है जिसकी वैल्यूएशन 4 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है. एप्पल की वैल्यूएशन करीब 3.9 ट्रिलियन डॉलर है. वहीं माइक्रोसॉफ्ट की वैल्यूएशन 3.41 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा देखने को मिल रही है.

Related Articles

Back to top button