उत्तर प्रदेश

बागपत के किसानों ने खोला शुगर मिलों के खिलाफ मोर्चा, बकाया भुगतान न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

उत्तर प्रदेश के बागपत की मलकपुर शुगर मिल में गन्ना लेकर पहुंचने वाले किसान इन दिनों दोहरी मुसीबत का सामना कर रहे हैं. एक ओर कड़ाके की ठंड ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. वहीं दूसरी ओर गन्ना भुगतान न होने से उनमें भारी आक्रोश है. दरअसल, मिल के यार्ड में न तो अलाव की व्यवस्था है और न ही किसानों के बैठने या रुकने के लिए कोई उचित इंतजाम किया गया है.

रात के समय गन्ना लेकर पहुंचने वाले किसान नाले के किनारे और पेड़ों के नीचे बैठकर समय काटने को मजबूर हैं. बढ़ती ठंड में हाथ तापने के लिए अलाव तक जलाने की व्यवस्था नहीं है, जिससे किसानों को ठिठुरते हुए रात गुजारनी पड़ रही है. मिल पर पहुंचे उपेन्द्र मोहित, जितेंद्र, रूपेश, जोगेंद्र, रविन्द्र, रामबीर, वीरेंद्र, जय सिंह, अरुण आदि किसानों का कहना है कि मिल प्रशासन उनकी समस्याओं के प्रति पूरी तरह उदासीन बना हुआ है.

पिछले सत्र का बकाया भुगतान कर रही मिल

दूसरी ओर मलकपुर शुगर मिल में गन्ने की आवक लगातार कम हो रही है, जिससे पेराई क्षमता भी प्रभावित हो रही है. किसानों का आरोप है कि मिल इस सत्र में तैयार की गई चीनी बेचकर पिछले सत्र का बकाया भुगतान कर रही है, जबकि चालू सत्र के भुगतान को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है. भुगतान में देरी से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है. यही कारण है कि रात में यार्ड खाली हो जाते हैं.

किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी

किसान नगद भुगतान और घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए कोल्हुओं, क्लेशरों पर गन्ना डाल रहे हैं. किसानों ने चेतावनी दी गई है कि अगर जल्द ही बैठने, अलाव और गन्ना भुगतान की व्यवस्था सही नहीं की गई तो वह आंदोलन के लिए मजबूर होंगे. राष्ट्रीय स्तर पर यह मामला किसानों की बदहाल स्थिति और मिल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.

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