उत्तर प्रदेश

इटावा: दानिश का विवादित सोशल मीडिया पोस्ट ‘बाबरी मस्जिद का बदला’, हिंदू संगठन की शिकायत पर पुलिस हुई सख्त

दिल्ली में हुए बम धमाके के बाद जहां देशभर में सुरक्षा एजेंसियां कड़े अलर्ट मोड पर हैं, वहीं इटावा में शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक युवक की ओर से की गई आपत्तिजनक पोस्ट ने माहौल गर्मा दिया. शहर के एआरटीओ कॉलोनी के रहने वाले एक युवक ने बाबरी मस्जिद ढांचे की तस्वीर पोस्ट करते हुए उस पर ‘बाबरी मस्जिद का बदला लेना ही लेना है, इंशाल्लाह’ जैसी टिप्पणी लिख दी.

पोस्ट देखते ही देखते कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद शहर में आक्रोश की लहर फैल गई. पोस्ट वायरल होने के बाद अलग-अलग सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखने को मिली. हिंदू सेवा समिति ने आपत्तिजनक पोस्ट का संज्ञान लेते हुए मामले की गंभीरता पर प्रकाश डाला और मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को ट्वीट कर कड़ी कार्रवाई की मांग की.

आपत्तिजनक पोस्ट पर पुलिस हुई एक्टिव

समिति के संस्थापक प्रदीप शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की पोस्ट समाज में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकती हैं, इसलिए तत्काल एक्शन बेहद जरूरी है. उधर घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी इटावा ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल और थाना सिविल लाइन पुलिस को जांच के निर्देश दिए. साइबर जांच में आरोपी युवक की पहचान दानिश खान, निवासी एआरटीओ कॉलोनी, के रूप में हुई.

दानिश के संभावित ठिकानों पर चल रही छापेमारी

पुलिस ने दोपहर बाद उसके घर पर दबिश दी, लेकिन वह मौके से फरार मिला. पुलिस युवक की मां को पूछताछ के लिए थाने ले गई है और उससे आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है. सीओ सिटी अभय नारायण राय ने बताया कि दानिश ने दानिश रफ्तार नाम की आईडी से फेसबुक और व्हाट्सऐप पर यह विवादित स्टेटस डाला था. साइबर सेल की तकनीकी जांच में उसकी अंतिम लोकेशन कांशीराम कॉलोनी क्षेत्र में ट्रेस हुई. पुलिस टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं.

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डिजिटल सबूतों को सुरक्षित किया जा रहा है. आरोपी की गतिविधियों, उसके संपर्कों और पोस्ट के उद्देश्य को लेकर गहन पड़ताल की जा रही है. इस प्रकार की सामग्री ना सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज की शांति व्यवस्था को भी खतरे में डालती है. पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट पर विश्वास न करें और ऐसी सामग्री दिखने पर तत्काल पुलिस या फिर साइबर सेल को सूचित करें.

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