हरियाणा
जाटूलुहारी मौत केस पर खुलासा: शराब में मिलावट नहीं, जांच रिपोर्ट क्लियर; ठेका खोलने की तैयारी

जाटूलुहारी गांव में देसी शराब पीने से एक व्यक्ति की मौत और पांच लोगों की तबीयत बिगड़ने के मामले में नया मोड़ आया है। जिला आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग से कराए गए शराब सैंपल की लैब रिपोर्ट सही पाई गई है। इसके बाद पूरे प्रदेश में मस्ती माल्टा देसी शराब के सात जनवरी 2026 के बैच नंबर 1807 से संबंधित शराब पर लगाई गई रोक हटा दी गई है। वहीं गांव में सील किया गया शराब ठेका भी दोबारा खोला जाएगा।
भिवानी जिले के जाटूलुहारी गांव में बुधवार सुबह 35 वर्षीय जितेंद्र नामक युवक की देसी शराब पीने के बाद मौत हो गई थी जबकि गांव के पांच अन्य लोग बीमार हो गए थे। उन्हें तत्काल जिला नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया गया। वीरवार को पांच में से चार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई जबकि एक का निजी अस्पताल में उपचार जारी है।
शराब ठेके की जांच रिपोर्ट में मस्ती माल्टा देसी शराब का केमिकल एनालिसिस सही पाया गया। इसके बाद आबकारी एवं कराधान विभाग ने संबंधित बैच पर प्रदेशभर में लगी पाबंदी हटा दी। जाटूलुहारी मामले के बाद इस बैच से संबंधित प्रदेश के सभी शराब ठेकों पर बिक्री पर रोक लगाई गई थी ताकि अगर शराब जहरीली या मिलावटी होती तो उसके सेवन से जनहानि रोकी जा सके।
देसी शराब के अधिक सेवन से मौत की आशंका बढ़ी
लैब रिपोर्ट सही आने के बाद अब जितेंद्र की मौत के मामले में अधिक शराब के सेवन की आशंका प्रबल हो गई हैं। पोस्टमार्टम करने वाले फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने प्रारंभिक तौर पर मृतक के कपड़ों और पेट में केमिकल के अधिक अंश मिलने की संभावना जताई है। हालांकि मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
अधिकारी के अनुसार
जाटूलुहारी के शराब ठेके से मस्ती माल्टा देसी शराब के संबंधित बैच की लैब रिपोर्ट सही पाई गई है। जांच में शराब के केमिकल एनालिसिस सही पाए गए हैं। इसके बाद संबंधित बैच पर प्रदेशभर में लगाई गई रोक हटा दी गई है और गांव का सील किया गया शराब ठेका खोलने के आदेश भी दिए गए हैं।




