मंदिर में ‘भक्ति’ नहीं, हो रही थी ‘गांजे’ की तस्करी! पुजारी के पास मिली 4 बोरी नशा, कीमत जान उड़ जाएंगे होश

तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के नारायणखेड़ मंडल के पंचगाम गांव में एक मंदिर के पुजारी को पुलिस को गिरफ्तार कर किया है. आरोप है कि पुजारी मंदिर परिसर में नशे का व्यापार कर रहा था जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया है. पुजारी मंदिर परिसर में गेंदे के फूलों के पौधों के साथ गांजा (नशीला पदार्थ) उगा रहा था और बेच रहा था. नारायणखेड़ में DTF संगारेड्डी टीम ने पुजारी को गिरफ्तार किया और ₹70 लाख का गांजा जब्त किया.
मामला नशा तस्करी से जुड़ा हुआ है. संगारेड्डी जिले के नारायणखेड़ मंडल के पंचगाम गांव में एक मंदिर के पुजारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने मंदिर परिसर से 70 लाख रुपए का गांजा भी जब्त किया है. पुजारी खुद को आध्यात्मिक गुरु बताता था, लेकिन उसकी पोल तब खुल गई जब वो गांजा उगाने और बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. हैरानी की बात यह है कि गांजे के पौधे मंदिर परिसर के अंदर गेंदे के बगीचे में फूलों की खेती की आड़ में उगाए जा रहे थे.
छापेमार कार्रवाई में हुआ खुलासा
शुक्रवार को DC-मेडक और DPEO संगारेड्डी की देखरेख में, DTF संगारेड्डी टीम ने पंचगांव गांव, नारायणखेड़ मंडल, संगारेड्डी में गांजे के पौधों की अवैध खेती का मामला पकड़ा. DTF एक्साइज टीम ने छापा मारा और एक आरोपी व्यक्ति अवुती नागैया (48 साल) को गिरफ्तार कर लिया जो की पंचगाव गांव, नारायणखेड़ मंडल, संगारेड्डी जिले का रहने वाला है.वह आसपास के ग्रामीणों के लिए मंदिर के पुजारी और आध्यात्मिक गुरु के रूप में काम करता था. आरोप है कि वह अवैध रूप से गांजे की खेती और वितरण का काम चला रहा था. वह इसे पैकेट में पैक करके अवैध रूप से बेच रहा था.
आरोपी पुजारी गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान पुलिस को 685 गांजे के पौधे, 17.741 किलोग्राम सूखा गांजा, 0.897 किलोग्राम गांजे के बीज, 30,000 रुपए नकद, एक डिजिटल वजन मशीन, एक मोबाइल फोन जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹70 लाख है. मामले के कागजात, जब्त संपत्ति और एक आरोपी व्यक्ति को SHO नारायणखेड़ को सौंप दिया गया.




